संजय कुमार राय

बांका जिले से बड़ी खबर आ रही हैं। निगरानी विभाग की टीम ने गुरुवार को ही बिजली विभाग मे कार्यपालक अभियंता के पद पर कार्यरत संजीव कुमार गुप्ता के चार से पांच ठिकानों पर छापेमारी कर करीब सात करोड़ की सम्पति के बारे मे पता लगा लिया हैं। इस छापेमारी मे 40लाख रुपये कैश बरामद हुये हैं। निगरानी विभाग को जांच के क्रम मे दो लॉकर दस बेंक खाता के साथ साथ फिक्स डिपॉजिट मे तीस लाख से ज्यादा के निवेश का पता चला हैं। यही नहीं नाबालिग बेटी के नाम से भी तीन लाख जमा किये जानें की बात बतायी जा रही हैं। इसके अलावे निगरानी विभाग को कई चल अचल सम्पति की जानकारी मिली हैं। जब्कि अब तक के नौकरी काल मे उन्हें वेतन के रूप मे 68लाख रुपये सरकार से प्राप्त हैं।

दरअसल आज के दिनों मे चर्चा की जाय तो ग्रामीण कार्य विभाग , बिजली विभाग ,नगर निगम ,पथ निर्माण विभाग समेत कई विभाग हैं जहां इन दिनों कई करोड़ मे निविदा निकलती हैं। ऑन लाइन टेंडर होने के बावजूद टेंडरों की सेटिंग होती हैं जिसमें बड़े बड़े इंजीनियरों का प्रतिशत फिक्स होता हैं और यह टेंडर जब किसी ठेकेदार को मिल जाता हैं तो जेई ,सहायक अभियंता ,कार्यपालक अभियंता ,अधीक्षण अभियंता समेत ऑफिस के चपरासी से लेकर लेखाबही समेत अन्य काम करने वालों यानि सबको कमीशन मिलता हैं। अब कमीशन की बात करें,तो सूत्रों के मुताबिक प्रत्येक विभाग का अलग अलग कमीशन हैं जैसे ग्रामीण विकास के बारे मे बताया जाता हैं जेई 3%,सहायक अभियंता 2%,कार्यपालक अभियंता1.50%,अधीक्षण अभियंता 1/2%एवं ऑफिस मे 1%हैं। पथ निर्माण मे जेई 2%सहायक 1.50%कार्यपालक अभियंता 1% ऑफिस खर्च 1/2%एवं कूछ अन्य खर्चे ठेकेदार को प्रत्येक भुगतान की राशि पर देने पड़ते हैं। इसी तरह अन्य विभागों का भी प्रतिशत हैं।
ब्लॉक के सभी विकास कार्यों मे कमीशन लिये जाते हैं।
इसका मतलब यह हैं कि कोई ऐसा विभाग नहीं हैं जहां अवैध उगाही नहीं होती हो। अगर निगरानी विभाग की टीम पटना मे होने वाली इन पदाधिकारियों की मीटिंग या शनिवार रविवार को अगर एनएच पर चल रही गाड़ियों को विधिवत चेकिंग करें तो ऐसे पदाधिकारी के गाड़ियों से लाखों रुपये बरामद हो जाएंगे। लेकिन इसके लिये बड़ी मशक्कत सरकार को करनी पड़ेगी। इन इंजीनियरों की कमाई अवैध रूप से सालाना कई लाखों मे हैं। फिलहाल पुलिस श्री गुप्ता से पूछताछ कर रही हैं। विभाग की टीम कुछ भी बताने से परहेज कर रही हैं।

हाल मे ही दरभंगा मे एक मनरेगा पदाधिकारी के घर से स्थानीय पुलिस ने करीब बीस लाख रुपये नगद बरामद किया था ।पति पत्नी के झंझट मे पत्नी की शिकायत पर पुलिस ने छापेमारी की थी।इससे पहले भी निगरानी विभाग की टीम ने कई इंजीनियरों के यहां छापेमारी कर अकूत सम्पति का पर्दाफाश किया हैं।