कनीय लगा रहें हैं वरीय पदाधिकारियों पर आरोप ,जांच के बाद ही आ सकती हैं सच्चाई सामने।
कनीय लगा रहें हैं वरीय पदाधिकारियों पर आरोप ,जांच के बाद ही आ सकती हैं सच्चाई सामने।
संजय कुमार राय की रिपोर्ट :-
होमगार्ड एवं अग्निशमन के पूर्व डीआईजी अनुसुइया रणसिंह साहू के स्थानांतरण होते ही कई जवानों ने अपनी शिकायत विभाग के कमांडेंट से करना शुरू कर दिया हैं।
सरकार ने इन्हें नागरिक सुरक्षा का उपनिदेशक बनाते हुये उन्हें होमगार्ड एवं अग्निशमन विभाग से हटा दिया हैं।
ऐसे मे कई सवाल उठना लाजमी हैं ?क्या विभाग मे उच्चस्थ पदों पर बैठे अधिकारी अपने अधीनस्थ काम कर रहें अधिकारियों और कर्मियों से ऐसा ही व्यवहार करते हैं ?अगर ऐसा व्यवहार सही मे करते हैं तो सरकार को चाहिये कि इस मामले मे एक टीम गठित कर एक दूसरे पर लगाये गये आरोपों की निष्पक्षता से जांच कराएं और दोषी अधिकारियों को दंडित करें ,अगर समय रहते सरकार ऐसा नहीं करती हैं तो पुलिस विभाग से जुड़े कई विभागों मे ऐसी परंपरा की शुरुआत होते देर नहीं लगेगी और पूरा विभाग बर्बाद के कगार पर पहुंच जाएगा। एक तरफ डीआईजी अनसुईया रणसिंह साह अपने डीजी पर गाली गलौज सहित कई आरोप लगाते हुये प्रतारणा का आरोप लगाई हैं वहीं अब कई कर्मी डीआईजी पर ही प्रतारणा का आरोप लगा रहें हैं इसमें चार से पांच जवान ऐसे हैं जो डीआईजी पर प्रतारणा का आरोप लगा रहें हैं। होमगार्ड के जवान सूर्यदेव कुमार का कहना हैं कि उसे खाना नहीं बनाने आता हैं लेकिन डीआईजी मैडम उससे खाना बनवाती थी। खाना ठीक से नहीं बनाने के कारण उसे अपने पैसों से तीन बार जुर्माना भरना पड़ा हैं वह भी एक महीने के अंदर। पहली बार मे जवान को शीशे का कटोरा तो दूसरे बार मे मुर्गा का मिट और तीसरे बार मे चावल खरीदकर देना पड़ा।
वहीं दूसरा जवान मणिकांत कुमार ने बताया कि उसने जुर्माने के तौर पर टिफिन खरीदकर दिया था। जवान मणिकांत ने कहा कि मैडम ने कहा कि घर मे कोई सामान नहीं मिलेगा तो तुम्हें देना पड़ेगा। होमगार्ड के जवान धनंजय कुमार राम ने कहा कि वह घर की साफ सफाई का काम करता था। उसने शिकायत मे कहा कि एक दिन नाईटी टब से गायब हो गया और जब उन्हें पता चला तो नाईटी खरीदकर मंगवाई लेकिन वह पसंद नहीं आया तो नहीं ली। जवान संजीव कुमार राय और मुनेस्वर की शिकायत हैं कि मैडम हर रोज ऑफिस मे अपना कुत्ता लाती थी। वह कुत्ता अलग अलग दिनों मे दोनों को काट लिया था। इलाज कराने के नाम पर सरकारी अस्पताल मे इलाज कराने की बात कहीं साथ ही चुप रहने को कहा नहीं तो बर्खास्त करने की धमकी दी। इन चारों जवानों का आरोप हैं कि उसने डीआईजी मैडम को वहां से हटाने के लिये लिखित आवेदन दिया था।
अब इस आरोप -प्रत्यारोप मे जांचों उपरांत ही मामले की सच्चाई सामने आ सकती हैं।