30 लाख में एमबीबीएस एडमिशन का झांसा, राजद नेता समेत चार गिरफ्तार

दस्तक 7 मीडिया,नई दिल्ली/गाजियाबाद।

मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन दिलाने और नीट परीक्षा में सेटिंग कराने के नाम पर छात्रों से लाखों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने पर्दाफाश किया है। कार्रवाई में राजद नेता समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने गिरोह के चंगुल से 18 छात्रों को मुक्त कराया है।

पुलिस के मुताबिक, गिरोह मेडिकल की तैयारी कर रहे छात्रों और उनके परिजनों को निशाना बनाता था। आरोपी एमबीबीएस में दाखिले की गारंटी देने के नाम पर 20 से 30 लाख रुपये तक की डील करते थे। गिरोह का मास्टरमाइंड संतोष कुमार जायसवाल बताया गया है, जो राष्ट्रीय जनता दल का राष्ट्रीय सचिव भी रह चुका है। वह मूल रूप से बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के घोड़ासहन थाना क्षेत्र का निवासी है।

जांच में सामने आया कि गिरोह पूरी प्लानिंग के साथ काम करता था। संतोष जायसवाल नेटवर्क को संचालित करता था, जबकि उसका सहयोगी डॉ. अखलाक आलम उर्फ गोल्डन आलम पुराने स्टडी मटेरियल और कोचिंग नोट्स के आधार पर फर्जी प्रश्नपत्र तैयार करता था। तीसरा आरोपी संत प्रताप सिंह छात्रों के ठहरने और अन्य व्यवस्थाओं को संभालता था। वहीं विनोद भाई भीखा भाई पटेल छात्रों को परिवार से अलग रखकर उन्हें फर्जी पेपर रटवाने का काम करता था।

दिल्ली पुलिस को 2 मई को सूरत पुलिस से इस गिरोह के बारे में अहम सूचना मिली थी। सूचना के बाद क्राइम ब्रांच की टीम सक्रिय हुई और महिपालपुर एक्सटेंशन स्थित होटलों में छापेमारी कर पहले विनोद पटेल को पकड़ा गया। उसकी निशानदेही पर गाजियाबाद के एक अस्पताल के पास से संतोष जायसवाल को गिरफ्तार किया गया। बाद में गाजियाबाद स्थित फ्लैट से डॉ. अखलाक आलम और संत प्रताप सिंह को भी दबोच लिया गया।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कई संदिग्ध दस्तावेज, मोबाइल फोन और छात्रों से जुड़े रिकॉर्ड बरामद किए हैं। मामले में आगे की जांच जारी है।