आंधी-बारिश के बीच तेज हुई माले राज्य सम्मेलन की तैयारी ,दरभंगा में जगह-जगह बने शहीद नेताओं के स्वागत द्वार, बाहर से पहुंचीं कार्यकर्ताओं की टीमें
आंधी-बारिश के बीच तेज हुई माले राज्य सम्मेलन की तैयारी ,दरभंगा में जगह-जगह बने शहीद नेताओं के स्वागत द्वार, बाहर से पहुंचीं कार्यकर्ताओं की टीमें
आंधी-बारिश के बीच तेज हुई माले राज्य सम्मेलन की तैयारी ,दरभंगा में जगह-जगह बने शहीद नेताओं के स्वागत द्वार, बाहर से पहुंचीं कार्यकर्ताओं की टीमें
दस्तक 7 मीडिया ,दरभंगा /
भाकपा माले के 12वें राज्य सम्मेलन की तैयारियां अब अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। आंधी और बारिश के बावजूद पार्टी के सैकड़ों नेता और कार्यकर्ता दिन-रात सम्मेलन की तैयारी में जुटे हुए हैं। शहर में जगह-जगह शहीद वामपंथी नेताओं की स्मृति में स्वागत द्वार बनाए गए हैं, जिससे सम्मेलन को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है।
भाकपा माले के मिथिलांचल प्रभारी धीरेंद्र झा और जिला सचिव बैद्यनाथ यादव ने संयुक्त बयान जारी कर कहा कि दरभंगा के लोगों का सम्मेलन को लेकर व्यापक सहयोग और समर्थन मिल रहा है। उन्होंने बताया कि सम्मेलन की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए एमएलसी शशि यादव, पूर्व विधायक मनोज मंजिल, राज्य कार्यालय सचिव प्रकाश कुमार, कलाकार अखिलेश कुमार और विनय कुमार समेत कई नेता पटना से दरभंगा पहुंच चुके हैं।
वहीं मधुबनी, सुपौल, मधेपुरा और समस्तीपुर सहित कई जिलों से युवाओं की टीम भी सम्मेलन स्थल और शहर की सजावट में लगी हुई है। सम्मेलन को लेकर पूरे शहर में राजनीतिक और सांस्कृतिक माहौल देखने को मिल रहा है।
पार्टी नेताओं के अनुसार, दिवंगत वामपंथी नेताओं और शहीद कामरेडों की याद में शहर में दर्जनों स्वागत द्वार बनाए गए हैं। इनमें भोगेंद्र झा, अब्दुस सलाम, रामनरेश राम, पवन शर्मा, योगेश्वर गोप और अन्य नेताओं के नाम शामिल हैं।
इधर, शहर के गणमान्य नागरिकों की अगुवाई में स्वागत समिति का भी गठन किया गया है। प्रख्यात समाजसेवी डॉ. अजीत कुमार चौधरी को स्वागत समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। सम्मेलन को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह देखा जा रहा है।
जानलेवा हमले के आरोपी ने कोर्ट में किया सरेंडर, भेजा गया जेल
रेफरल सिस्टम खत्म करने की तैयारी, डीएमसीएच-एम्स निर्माण में तेजी का निर्देश,मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दरभंगा में की हाई लेवल समीक्षा बैठक, एयरपोर्ट पर जल्द नाइट लैंडिंग सुविधा शुरू कराने पर जोर