बेनीपुर अनुमंडल के विस्तार की उठी मांग, मुख्यमंत्री को भेजा आवेदन,“हम भीख नहीं, अपना हक मांग रहे हैं” : अधिवक्ता सुशील कुमार चौधरी

दस्तक 7 मीडिया,बेनीपुर, दरभंगा /विधि संवाददाता

बेनीपुर बार एसोसिएशन के पूर्व महासचिव एवं अखिल भारतीय अधिवक्ता कल्याण समिति (युवा प्रकोष्ठ) के राष्ट्रीय महामंत्री अधिवक्ता सुशील कुमार चौधरी ने मुख्यमंत्री को ईमेल एवं रजिस्टर्ड डाक के माध्यम से आवेदन भेजकर बेनीपुर अनुमंडल के प्रशासनिक एवं न्यायिक क्षेत्राधिकार के विस्तार की मांग उठाई है। उन्होंने आवेदन में मनीगाछी, सकतपुर, बहेड़ी एवं घनश्यामपुर को बेनीपुर अनुमंडल में शामिल करने की अपील की है।

अपने आवेदन में श्री चौधरी ने मुख्यमंत्री द्वारा बेनीपुर में विशेष एक्साइज न्यायालय की स्थापना के निर्णय का स्वागत करते हुए इसे “ऐतिहासिक कदम” बताया। उन्होंने कहा कि इस फैसले से लाखों लोगों को न्यायिक सुविधा मिली है और बेनीपुरवासियों में नई उम्मीद जगी है।

उन्होंने बेनीपुर अनुमंडल की वर्तमान स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि मात्र दो प्रखंडों — बेनीपुर एवं अलीनगर — पर आधारित यह अनुमंडल अस्तित्व के संकट से गुजर रहा है। लगभग 15 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित न्यायालय भवन मुकदमों के अभाव में सूना पड़ा है, जिससे सरकारी संसाधनों का समुचित उपयोग नहीं हो पा रहा है।

श्री चौधरी ने आवेदन में उल्लेख किया कि मनीगाछी, सकतपुर और बहेड़ी की जनता पुलिस संबंधी कार्यों के लिए बेनीपुर आती है, लेकिन राजस्व एवं प्रशासनिक कार्यों के लिए उन्हें 40 किलोमीटर दूर दरभंगा सदर जाना पड़ता है। इससे आम लोगों, खासकर गरीब तबके को आर्थिक और मानसिक परेशानी उठानी पड़ती है। उन्होंने कहा कि सिर्फ किराये में ही लोगों के 500 रुपये तक खर्च हो जाते हैं। वहीं घनश्यामपुर के लोगों को बेनीपुर होकर बिरौल जाने की मजबूरी झेलनी पड़ती है।

उन्होंने मुख्यमंत्री से भावुक अपील करते हुए कहा, “हम मुख्यमंत्री जी से भीख नहीं, अपना हक मांग रहे हैं। मनीगाछी, सकतपुर, बहेड़ी और घनश्यामपुर बेनीपुर के ही बच्चे हैं, इन्हें इनके घर वापस ला दीजिए।”

अधिवक्ता सुशील कुमार चौधरी ने विश्वास जताया कि मुख्यमंत्री यदि इन क्षेत्रों को बेनीपुर अनुमंडल में शामिल करने का निर्णय लेते हैं तो यह लाखों लोगों के लिए बड़ी राहत होगी और बेनीपुर अनुमंडल को नया जीवन मिलेगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का एक सकारात्मक निर्णय बेनीपुर के विकास और प्रशासनिक मजबूती की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।