महिला गृहरक्षक से छेड़छाड़ के आरोप में दारोगा पर शिकंजा,जांच में प्रथम दृष्टया आरोप सही, विभागीय कार्रवाई जारी

दस्तक 7 मीडिया /दरभंगा 

मोरो थाना में पदस्थापित रहे तत्कालीन दारोगा रौशन कुमार महिला गृहरक्षक से छेड़छाड़ और अभद्र व्यवहार के मामले में प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए हैं। पुलिस अधिकारियों की जांच एवं पर्यवेक्षण रिपोर्ट में आरोपों की पुष्टि होने के बाद विभागीय कार्रवाई तेज कर दी गई है।

जानकारी के अनुसार इस मामले में मोरो थाना कांड संख्या-109/25 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। महिला गृहरक्षक ने आरोप लगाया था कि एक दिसंबर 2025 की रात करीब साढ़े सात बजे आरोपी दारोगा उसके किराये के कमरे में पहुंचे और बातचीत के दौरान गलत नीयत से हाथ पकड़कर अपनी ओर खींचने लगे। पीड़िता के अनुसार उस समय अन्य महिला गृहरक्षक वहां मौजूद नहीं थीं।

जांच में सामने आया कि पीड़िता ने 16 नवंबर 2025 को मोरो थाना में उत्पाद गृहरक्षक के रूप में योगदान दिया था। थाना में महिला कर्मियों के रहने की व्यवस्था नहीं होने के कारण वह अन्य महिला गृहरक्षकों के साथ किराये के मकान में रह रही थी। उसी मकान के निचले हिस्से में आरोपी पुलिस पदाधिकारी भी रहते थे।

पुलिस जांच के दौरान किसी प्रत्यक्षदर्शी ने घटना के समय शोर-शराबा सुनने की पुष्टि नहीं की। वहीं पीड़िता ने मेडिकल जांच कराने से इनकार कर दिया। बावजूद इसके, पीड़िता का बयान न्यायालय में बीएनएसएस की धारा 180 और 183 के तहत दर्ज कराया गया।पर्यवेक्षण रिपोर्ट में कहा गया है कि उपलब्ध साक्ष्यों और पीड़िता के बयान के आधार पर आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 74, 75 और 329(4) के तहत मामला प्रथम दृष्टया सत्य प्रतीत होता है। अनुसंधानकर्ता को आगे साक्ष्य संकलित कर कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।

इधर, सदर डीएसपी राजीव कुमार ने बताया कि आरोपी दारोगा को निलंबित कर विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई थी। उन्होंने कहा कि मामले में जो भी साक्ष्य सामने आएंगे, उसके आधार पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।