मिथिलांचल ने खोया जनप्रिय चेहरा, स्वर्गीय सुरेंद्र सिंह को देखने उमड़ा जनसैलाब ,सर्व समाज के मजबूत स्तंभ थे सुरेंद्र बाबू, नेताओं-सामाजिक कार्यकर्ताओं ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि

दस्तक 7 मीडिया /दरभंगा 

अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के दरभंगा जिला के पूर्व अध्यक्ष स्वर्गीय सुरेंद्र सिंह के निधन से मिथिलांचल समेत पूरे बिहार में शोक की लहर दौड़ गई है। सामाजिक सरोकारों और जनहित के मुद्दों पर बेबाक राय रखने वाले सुरेंद्र बाबू को सर्व समाज का मजबूत स्तंभ माना जाता था। उनके निधन की खबर मिलते ही जिले और आसपास के क्षेत्रों से सैकड़ों लोग उनके आवास पहुंचकर श्रद्धासुमन अर्पित किए।

वीर कुंवर सिंह विकास मंच के अध्यक्ष देवेंद्र प्रसाद सिंह उर्फ मुन्ना चौधरी ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि स्वर्गीय सुरेंद्र बाबू निर्भीक, निष्पक्ष और साहसी व्यक्तित्व के धनी थे। उन्होंने कहा कि सुरेंद्र बाबू ने अपना पूरा जीवन समाज और जनहित के कार्यों के लिए समर्पित कर दिया था। वे हर वर्ग के लोगों के सुख-दुख में हमेशा खड़े रहते थे।

अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के राष्ट्रीय सचिव एवं शहीद सूरज नारायण सिंह विचार मंच के अध्यक्ष डॉ अशोक कुमार सिंह ने कहा कि सुरेंद्र सिंह मिथिलांचल के ऐसे प्रभावशाली व्यक्तित्व थे, जिनका सभी राजनीतिक दलों और समाज के हर वर्ग में सम्मान था। उन्होंने बताया कि स्वर्गीय प्रधानमंत्री चंद्रशेखर, पूर्व सांसद प्रभुनाथ सिंह, उमाशंकर सिंह, पूर्व मंत्री अब्दुल बारी सिद्दीकी, पूर्व सांसद मोहम्मद अली अशरफ फातमी तथा आनंद मोहन सहित कई बड़े नेताओं से उनके व्यक्तिगत संबंध थे। यही कारण था कि सभी दलों के नेता उनका विशेष सम्मान करते थे।

सुरेंद्र बाबू के अंतिम दर्शन और श्रद्धांजलि कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सामाजिक, राजनीतिक और शैक्षणिक क्षेत्र से जुड़े लोग उपस्थित रहे। श्रद्धांजलि देने वालों में प्रोफेसर विमल कुमार सिंह, सनी सिंह, जितेंद्र कुमार सिंह, विनय कुमार सिंह, विपुल कुमार सिंह, लक्ष्मणेश्वर सिंह उर्फ पप्पू सिंह, नवीन कुमार सिंह, संजीव कुमार सिंह, डॉ विजय कुमार एवं रामचंद्र यादव समेत सैकड़ों लोगों ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

श्रद्धांजलि सभा में मौजूद लोगों ने कहा कि सुरेंद्र बाबू का निधन सामाजिक और सार्वजनिक जीवन के लिए अपूरणीय क्षति है, जिसकी भरपाई लंबे समय तक संभव नहीं हो सकेगी।