तेज रफ्तार ऑटो बना काल: स्कूटी सवार दो युवकों की दर्दनाक मौत, 20 फीट तक घसीटता ले गया वाहन

दस्तक 7 मीडिया,दरभंगा। केवटी 

एनएच-527बी पर केवटी थाना क्षेत्र के हाजीपुर चौक स्थित जेठियाही मोड़ के समीप शनिवार की दोपहर एक भीषण सड़क हादसे में स्कूटी सवार दो युवकों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। तेज रफ्तार ऑटो और स्कूटी की आमने-सामने हुई टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि ऑटो दोनों युवकों को रौंदते हुए करीब 20 फीट तक घसीटता चला गया और अनियंत्रित होकर सड़क किनारे लगभग 15 फीट गहरे गड्ढे में पलट गया। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई। मृतक की पहचान बग्घा गांव निवासी मो. एजाज के 19 वर्षीय पुत्र मो. तौसीफ उर्फ सोनू तथा मो. सलाउद्दीन के 22 वर्षीय पुत्र मो. समीउल्लाह के रूप में हुई है। बताया गया है कि दोनों युवक स्कूटी से केवटी बाजार गए थे और जरूरी काम निपटाकर वापस घर लौट रहे थे। इसी दौरान दरभंगा की ओर से तेज गति से आ रहे ऑटो ने जेठियाही मोड़ के पास उनकी स्कूटी में सीधी टक्कर मार दी। टक्कर के बाद दोनों युवक सड़क पर गिर पड़े और ऑटो उन्हें कुचलते हुए आगे बढ़ गया।

हादसे में ऑटो पर सवार कई यात्री भी मामूली रूप से घायल हुए, जो बाद में अपने-अपने घर लौट गए। घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस की मदद से दोनों युवकों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, केवटी पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

सूचना मिलते ही केवटी थानाध्यक्ष सदन राम पुलिस बल के साथ अस्पताल पहुंचे और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए डीएमसीएच भेज दिया। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त ऑटो और स्कूटी को जब्त कर थाने ले गई है तथा पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।

इस दर्दनाक हादसे के बाद दोनों परिवारों में मातम पसरा हुआ है। मृतक मो. समीउल्लाह अपने परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य था। पिता के निधन के बाद वह गांव में साइबर कैफे चलाकर अपनी मां और छोटी बहन का भरण-पोषण करता था। उसकी मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

वहीं, मो. तौसीफ उर्फ सोनू तीन भाइयों और चार बहनों में दूसरे नंबर पर था। वह बीए थर्ड सेमेस्टर का छात्र था और पढ़ाई के साथ परिवार का सहारा बनने का सपना देख रहा था। बेटे की मौत की खबर सुनते ही उसकी मां अस्पताल में बेसुध हो गईं। परिजन और ग्रामीण उन्हें संभालते नजर आए।

घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और स्थानीय लोग अस्पताल पहुंच गए। पंचायत प्रतिनिधियों और जनप्रतिनिधियों ने शोकाकुल परिवारों को ढांढस बंधाते हुए सरकारी सहायता दिलाने का आश्वासन दिया।