महाराणा प्रताप जयंती पर वक्ताओं ने कहा:महापुरुषों के आदर्शों को जीवन में उतारना जरूरी, महाराणा प्रताप जयंती पर गूंजा स्वाभिमान और वीरता का संदेश,बड़ी संख्या में जुटे समाज के लोग
महाराणा प्रताप जयंती पर वक्ताओं ने कहा:महापुरुषों के आदर्शों को जीवन में उतारना जरूरी, महाराणा प्रताप जयंती पर गूंजा स्वाभिमान और वीरता का संदेश,बड़ी संख्या में जुटे समाज के लोग
महाराणा प्रताप जयंती पर वक्ताओं ने कहा :महापुरुषों के आदर्शों को जीवन में उतारना जरूरी,
महाराणा प्रताप जयंती पर गूंजा स्वाभिमान और वीरता का संदेश,बड़ी संख्या में जुटे समाज के लोग
दस्तक 7 मीडिया, दरभंगा/गुड्डू राज
दरभंगा में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा दरभंगा इकाई की ओर से वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की जयंती श्रद्धा,सम्मान और उत्साह के साथ मनाई गई। यह भव्य कार्यक्रम लहेरियासराय स्थित दरभंगा क्लब के सभागार में आयोजित किया गया,जहां बड़ी संख्या में क्षत्रिय समाज के लोग,युवा,बुद्धिजीवी,सामाजिक कार्यकर्ता और गणमान्य नागरिक उपस्थित हुए। पूरे कार्यक्रम का माहौल राष्ट्रभक्ति,स्वाभिमान और गौरव से भरा हुआ था।
कार्यक्रम की शुरुआत महाराणा प्रताप के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर और दीप प्रज्वलित करके की गई। इसके बाद उपस्थित लोगों ने महाराणा प्रताप के बताए आदर्शों को याद करते हुए उन्हें नमन किया। वक्ताओं ने कहा कि महाराणा प्रताप भारतीय इतिहास के ऐसे महान योद्धा थे,जिन्होंने अपने जीवन में कभी भी आत्मसम्मान से समझौता नहीं किया। उन्होंने अपने राज्य,अपनी मातृभूमि और स्वाभिमान की रक्षा के लिए कठिन संघर्ष किया,लेकिन कभी विदेशी सत्ता के सामने झुके नहीं। सभा में वक्ताओं ने हल्दीघाटी युद्ध का उल्लेख करते हुए कहा कि यह युद्ध भारतीय इतिहास में वीरता और साहस का सबसे बड़ा उदाहरण माना जाता है। उन्होंने बताया कि महाराणा प्रताप ने जंगलों में रहकर कठिन जीवन बिताया,घास की रोटी खाई,लेकिन स्वतंत्रता और स्वाभिमान की रक्षा के अपने संकल्प से पीछे नहीं हटे। वक्ताओं ने कहा कि उनका जीवन आज भी समाज को त्याग,संघर्ष,आत्मसम्मान और देशभक्ति की प्रेरणा देता है। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने एक स्वर में संकल्प लिया कि वे महाराणा प्रताप के आदर्शों—सत्य,स्वाभिमान,राष्ट्रभक्ति,समाज सेवा और अन्याय के खिलाफ संघर्ष—को अपने जीवन में अपनाएंगे। साथ ही उनके विचारों और गौरवशाली इतिहास को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का भी संकल्प लिया गया। वक्ताओं ने विशेष रूप से युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि समाज और देश की प्रगति के लिए शिक्षा सबसे जरूरी है। युवाओं से संगठित होकर समाज सेवा,सामाजिक एकता और राष्ट्रहित के कार्यों में आगे बढ़कर भाग लेने की अपील की गई। उन्होंने कहा कि केवल इतिहास पर गर्व करने से समाज मजबूत नहीं होगा,बल्कि महापुरुषों के आदर्शों को अपने व्यवहार और जीवन में उतारना भी जरूरी है।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने समाज में एकता,भाईचारा और राष्ट्रीय चेतना को मजबूत करने का सामूहिक संकल्प लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता क्षत्रिय महासभा के जिला अध्यक्ष प्रवीण सिंह पिंकू ने की,जबकि संचालन रामशंकर सिंह पप्पू ने किया। इस अवसर पर सुरेंद्र प्रसाद सिंह,रीता सिंह (पूर्व पार्षद),डॉ.मृत्युंजय सिंह बबलू,प्रदेश महामंत्री ब्रजेश सिंह राठौर,करनी सेना प्रदेश अध्यक्ष सागर सिंह,पूर्व जिला अध्यक्ष सुरेश सिंह,छात्र नेता शरद कुमार सिंह,संतोष कुमार सिंह,नवीन कुमार सिंह,सतीश सिंह,अमरनाथ सिंह,श्याम कुमार सिंह,मनोज सिंह सम्राट,अशोक कुमार सिंह तुमोल,राजकुमार सिंह,रंजीत कुमार सिंह,विपुल सिंह,चुनचुन सिंह सहित कई प्रमुख लोगों ने अपने विचार रखे।
पूरे कार्यक्रम का संचालन गरिमामय वातावरण में हुआ। अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों और उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम का समापन किया।