दरभंगा के सड़कों पर सिर्फ ठेला ही ठेला ,कई सड़क बन गये हैं सब्जी मंडी ?सड़कों पर लग जाती हैं जाम ,आखिर प्रशासनिक पदाधिकारी कब लेंगे एक्शन ?
दरभंगा के सड़कों पर सिर्फ ठेला ही ठेला ,कई सड़क बन गये हैं सब्जी मंडी ?सड़कों पर लग जाती हैं जाम ,आखिर प्रशासनिक पदाधिकारी कब लेंगे एक्शन ?
दरभंगा
दरभंगा शहर मे इन दिनों प्रशासनिक विफलता के कारण पूरा शहर जाम रहता हैं।इस शहर का तमाम सड़क अब सब्जी मंडी बन गया हैं। आप जिधर भी जाईये आपको बस ठेले ही ठेले दिखाई पड़ेंगे। कई सड़कों से गुजरने पर सड़क के किनारे ही सब्जियों का दुकान सजा मिलेगा। दरभंगा टावर के चारों तरफ ठेला ही ठेला और उस ठेले पर सजा दुकान ,लहेरियासराय थाना से लेकर बस स्टेंड तक बस यही नजारा। डीएसपी सदर के गेट के चारों और ठेला ही ठेला। बाकरगंज ,बेता चौक आदि कई ऐसे प्रमुख जगह हैं जहां ठेला ही ठेला। दो साल पूर्व एक भी ठेला किसी चौक चौराहों पर इस तरह सजा हुआ नहीं मिलता था।
अब ऐसे मे क्या समझा जाय ?प्रशासनिक विफलता हैं या फिर इन ठेलों से बड़े पैमाने पर वसूली की जा रही हैं। अगर वसूली नहीं की जाती तो सड़कों पर इस तरह बाजार नहीं सजाता। इस कारण सड़क जाम रहता हैं। दुर्घटना की संभावना बनी रहती हैं। ऐसे मे कहीं दुर्घटना होती हैं तो प्रशासन के लिये समस्या बन जाएगी।लहेरियासराय का एसडीपीओ कार्यालय मे तो गाड़ी अंदर ले जानें मे भी दिक्कत होती हैं क्यूंकि दोनों गेट के सामने एक सिरे से ठेला लगा रहता हैं। स्थानीय लोग बताते हैं कि लहेरियासराय थाना से हजमा चौराहा होते हुये बस स्टेंड तक डेढ़ सौ से ज्यादा ठेला लगता हैं ,और इन ठेलों से मासिक रकम की उगाही की जाती हैं और यह वसूली प्रत्येक माह लाखों मे हैं। नगर निगम भी इस मामले मे चुप्पी साधे हुये हैं। किसी वरीय पदाधिकारी से पूछने पर कुछ भी बताने से परहेज करते हैं। जब्कि जिला प्रशासन ने पोलो मैदान के सामने या इर्द गिर्द ठेला लगाने को कहा था लेकिन इस बात की अब चर्चा तक कोई नहीं करते। प्रशासनिक पदाधिकारियों की गाड़ी तो लाव लस्कर के कारण आराम से निकल जाती हैं लेकिन आम लोंगों को बहूत दिक्कतों का सामना करना पड़ता हैं।