बिरौल अनुमंडल क्षेत्र में उच्च शिक्षा के नए युग की आहट, डिग्री कॉलेज के लिए डीएम ने कसी कमर

दस्तक 7 मिडिया, बिरौल, दरभंगा। 

अनुमंडल के गौड़ा बौराम और किरतपुर जैसे ग्रामीण अंचल के छात्र-छात्राओं के लिए उच्च शिक्षा का सपना अब हकीकत में बदलने वाला है। गुरुवार को दरभंगा के जिलाधिकारी कौशल कुमार ने खुद कमान संभालते हुए अनुमंडल के आसी और जगसौं में प्रस्तावित डिग्री कॉलेज की भूमि का सघन निरीक्षण किया। प्रशासनिक गलियारों में बढ़ी इस हलचल ने क्षेत्र के हजारों विद्यार्थियों में एक नई उम्मीद जगा दी है। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने केवल कागजी औपचारिकताओं तक खुद को सीमित नहीं रखा। उन्होंने प्रस्तावित स्थल की भौगोलिक स्थिति, आवागमन के रास्ते और भविष्य के बुनियादी ढांचे का बारीकी से मूल्यांकन किया। संबंधित अधिकारियों को कड़े लहजे में निर्देश देते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्माण की प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगा। इस कॉलेज की स्थापना के दूरगामी परिणामों पर चर्चा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि यह परियोजना सिर्फ एक भवन का निर्माण नहीं, बल्कि बिरौल अनुमंडल क्षेत्र के शैक्षणिक पिछड़ेपन को दूर करने का एक बड़ा माध्यम है।

अब विद्यार्थियों को डिग्री की पढ़ाई के लिए दरभंगा मुख्यालय या अन्य शहरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा। स्थानीय स्तर पर कॉलेज खुलने से सबसे बड़ा फायदा उन छात्राओं को होगा, जो सुरक्षा या संसाधनों की कमी के कारण इंटर के बाद पढ़ाई छोड़ देती थीं।

निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक तत्परता देखते ही बन रही थी। मौके पर अपर समाहर्ता (राजस्व) मनोज कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी विद्यानंद ठाकुर, बिरौल के एसडीओ शशांक राज और डीसीएलआर श्री मती मयंक सिंह सहित प्रखंड स्तर के सभी प्रमुख अधिकारी मौजूद थे। अधिकारियों की इस फौज ने संकेत दे दिया है कि सरकार इस परियोजना को “प्रायोरिटी मोड” पर रख रही है।