भीषण गर्मी से निपटने को प्रशासन अलर्ट, 24 घंटे में चापाकल मरम्मत और हर अस्पताल में आइसोलेशन वार्ड का निर्देश

दस्तक 7मीडिया /दरभंगा

जिले में लगातार बढ़ते तापमान और हीट वेव के खतरे को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। मंगलवार को भीमराव अंबेडकर सभागार में अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन) सलीम अख्तर की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें गर्मी, लू और अग्निकांड से बचाव को लेकर व्यापक रणनीति तय की गई।

बैठक में बताया गया कि नगर निगम और अन्य नगर निकायों द्वारा आम लोगों की सुविधा के लिए जगह-जगह प्याऊ की व्यवस्था की जा रही है। साथ ही पशु-पक्षियों के लिए भी पेयजल उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है।

पीएचईडी विभाग को जिले भर में खराब चापाकलों की मरम्मत तेज करने का निर्देश दिया गया है। इसके लिए प्रत्येक प्रखंड में 18 टीमें गठित की गई हैं, जो 24 घंटे के भीतर मरम्मत सुनिश्चित कर रही हैं। इसके अलावा शीघ्र ही कंट्रोल रूम स्थापित करने का भी निर्देश दिया गया है।

स्वास्थ्य विभाग को सभी अस्पतालों में हीट वेव से प्रभावित मरीजों के लिए एक-एक आइसोलेशन वार्ड आरक्षित रखने को कहा गया है। वहीं, स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में ओआरएस पाउडर की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।

पंचायती राज विभाग को “क्या करें, क्या न करें” के माध्यम से व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने को कहा गया है। सभी प्रखंडों और पंचायतों में लू से बचाव के उपायों का प्रचार-प्रसार किया जाएगा।

विद्युत विभाग को भी सतर्क करते हुए बिजली तारों की नियमित मरम्मत और रखरखाव सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके।इसके साथ ही पशुपालन विभाग को पशु चिकित्सा दल गठित करने और आवारा पशुओं के लिए पेयजल की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।

अपर समाहर्ता ने स्पष्ट कहा कि संभावित आपदा से निपटने के लिए सभी विभाग समय रहते अपनी तैयारियां पूरी कर लें। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि अग्निकांड की स्थिति में संबंधित अंचलाधिकारी स्वयं घटनास्थल पर पहुंचकर निरीक्षण करेंगे।बैठक में सिविल सर्जन डॉ. अरुण कुमार, उपनिदेशक जनसंपर्क सत्येंद्र प्रसाद, जिला पंचायती राज पदाधिकारी पवन कुमार यादव सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।