शिव-पार्वती विवाह प्रसंग से गूंजा पंडाल, भक्तिमय माहौल में डूबे श्रद्धालु
कुशेश्वरस्थान (दस्तक 7 मीडिया):
कुशेश्वरस्थान में आयोजित श्री राम कथा के दूसरे दिन अयोध्या से पधारी अंतरराष्ट्रीय कथा प्रवक्ता पंडित गौरंगी गौरी ने शिव-पार्वती विवाह प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया। उनके मुखारविंद से निकली कथा ने पूरे पंडाल को भक्तिमय वातावरण में सराबोर कर दिया।
कथा के दौरान उन्होंने बताया कि माता पार्वती की कठोर तपस्या के फलस्वरूप भगवान शिव ने उन्हें अपनी अर्धांगिनी के रूप में स्वीकार किया। शिव-पार्वती विवाह को अत्यंत दिव्य बताते हुए उन्होंने कहा कि जब भगवान शिव नंदी पर सवार होकर भूत-प्रेत और पिशाचों के साथ बारात लेकर राजा हिमाचल के यहां पहुंचे, तो यह अद्भुत दृश्य देखकर पार्वती के माता-पिता आश्चर्यचकित रह गए। हालांकि माता पार्वती ने पूर्ण हर्ष के साथ भगवान शिव को पति रूप में स्वीकार किया।
