करोड़ों की लागत, घंटों का जलजमाव बदहाली के आंसू रो रही दरभंगा-कुशेश्वरस्थान मुख्य सड़क
करोड़ों की लागत, घंटों का जलजमाव बदहाली के आंसू रो रही दरभंगा-कुशेश्वरस्थान मुख्य सड़क
करोड़ों की लागत, घंटों का जलजमाव बदहाली के आंसू रो रही दरभंगा-कुशेश्वरस्थान मुख्य सड़क
दस्तक 7 मिडिया,उत्तम सेनगुप्ता, दरभंगा।
सरकार द्वारा करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित दरभंगा-कुशेश्वरस्थान राजकीय मार्ग (SH-56) अपनी बदहाली और विभागीय अनदेखी की कहानी खुद बयां कर रहा है। मानसून के दस्तक देने से पहले ही, महज एक घंटे की हल्की बारिश ने सड़क के निर्माण और रखरखाव के दावों की पोल खोल दी है।
सड़क पर दर्जनों स्थानों पर पानी भर जाना अब इस महत्वपूर्ण मार्ग की नियति बन चुकी है। जलजमाव की जो तस्वीरें सामने आ रही हैं, वे किसी भी यात्री को विचलित करने के लिए काफी हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर एक घंटे की बारिश में राज्य मार्ग का यह हाल है, तो मूसलाधार बारिश के दिनों में इस सड़क की स्थिति क्या होगी, इसका अंदाजा लगाना भी मुश्किल है।
जानकारों और विशेषज्ञों की मानें तो सड़क पर लंबे समय तक जलजमाव रहना उसके लिए ‘धीमा जहर’ साबित होता है। पानी के जमा रहने से सड़क की ऊपरी परत (पिच) उखड़ने लगती है। लगातार नमी से मिट्टी ढीली पड़ जाती है, जिससे बड़े जानलेवा गड्ढे बन जाते हैं। करोड़ों की लागत से बनी सड़क अगर जर्जर होने लगे, तो यह सीधे तौर पर राजस्व की क्षति है।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस मार्ग की स्थिति पिछले तीन वर्षों से ऐसी ही बनी हुई है। हांलाकि पिछले वर्ष कुछ स्थानों पर मरम्मत कार्य किया गया है लेकिन निरीक्षण से इसका हकिकत पता चल पायेगा। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि संबंधित विभाग के अधिकारियों को इस गंभीर समस्या को देखने की फुर्सत तक नहीं है। न तो जल निकासी की कोई स्थायी व्यवस्था की गई और न ही खराब हो रहे हिस्सों की मरम्मत पर ध्यान दिया गया है। यह सड़क केवल एक मार्ग नहीं, बल्कि इलाके की लाइफलाइन है। विभाग को चाहिए कि वह तत्काल प्रभावित स्थलों का निरीक्षण करे और जल निकासी के पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित करे। यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो आगामी वर्षा ऋतु में इस मार्ग के दर्जनों स्थानों पर पानी जमा हो सकता है।