दो दिनों में पूरा करें सभी बोरिंग कार्य, हर घर तक पहुंचे पेयजल: डीएम कौशल कुमार,

गर्मी को देखते हुए प्रशासन सख्त, लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी , 666 में से 526 स्थानों पर बोरिंग कार्य पूरा

दस्तक 7 मीडिया/दरभंगा

जिलाधिकारी कौशल कुमार ने जिले में पेयजल आपूर्ति को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया है कि हर घर तक स्वच्छ पानी पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए। समाहरणालय स्थित बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने कहा कि लंबित सभी बोरिंग कार्य अगले दो दिनों के भीतर हर हाल में पूरे किए जाएं, अन्यथा संबंधित अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई होगी।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस बैठक में लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (पीएचईडी) के अभियंताओं और अंचलाधिकारियों के साथ जिले में चल रही पेयजल योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि बढ़ती गर्मी के बीच आम लोगों को निर्बाध पेयजल उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए सार्वजनिक स्थलों पर पर्याप्त संख्या में प्याऊ स्थापित करने का भी निर्देश दिया गया।

बैठक में बताया गया कि नई योजनाओं के तहत 666 स्थानों पर बोरिंग कार्य प्रस्तावित है, जिसमें से 526 स्थानों पर कार्य पूरा हो चुका है, जबकि शेष कार्य प्रगति पर है। डीएम ने शेष कार्यों को तय समय सीमा के भीतर पूर्ण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिन स्थानों पर सरकारी या निजी भूमि उपलब्ध नहीं है, वहां का विस्तृत प्रतिवेदन तैयार कर वैकल्पिक स्थल चिन्हित किया जाए। संवेदकों को कार्य में तेजी लाने और अतिरिक्त श्रमिक लगाने के निर्देश दिए गए।

साथ ही, सभी नई जल योजनाओं के लिए बिजली कनेक्शन सुनिश्चित करने हेतु विद्युत विभाग को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। डीएम ने यह भी कहा कि पेयजल योजनाओं के बिजली कनेक्शन किसी भी स्थिति में नहीं काटे जाएं।

जिलाधिकारी ने टैंकर के माध्यम से वैकल्पिक जलापूर्ति की अग्रिम व्यवस्था रखने के निर्देश दिए, ताकि कहीं भी पानी की कमी न हो। उन्होंने साफ कहा कि पेयजल को लेकर किसी प्रकार की शिकायत नहीं आनी चाहिए।बिरौल प्रखंड समेत अन्य क्षेत्रों में योजनाओं की निगरानी के लिए विशेष टीम गठित करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही पाइपलाइन विस्तार कार्य में तेजी लाने और सभी योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने को कहा गया।

बैठक में पुराने और नए चापाकलों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। डीएम ने खराब चापाकलों की शीघ्र मरम्मत कराने का निर्देश दिया।इस मौके पर सहायक समाहर्ता कल्पना रावत, कार्यपालक अभियंता पीएचईडी उत्कर्ष भारती सहित सभी संबंधित पदाधिकारी, अभियंता और संवेदक मौजूद थे।