दरभंगा में फर्जी सिम रैकेट का खुलासा: 36 सिम, मोबाइल व बायोमेट्रिक डिवाइस बरामद, एक गिरफ्तार,

कम्बोडिया तक फैला साइबर ठगी नेटवर्क, फर्जी दस्तावेजों पर जारी हो रहे थे सिम कार्ड

दस्तक 7मीडिया,दरभंगा /गुड्डू राज 

दरभंगा स्थित साइबर थाना की टीम ने फर्जी सिम रैकेट का खुलासा किया हे,जो सिम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस्तेमाल किया जा रहा था । साइबर थाना के डीएसपी बिपिन बिहारी ने प्रेस वार्ता कर जानकारी दी हे

दरअसल आर्थिक अपराध इकाई, बिहार पटना से प्राप्त सूचना के आधार पर दरभंगा जिले में चल रहे फर्जी सिम कार्ड रैकेट का बड़ा खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया कि जिले के कई सिम रिटेलर्स द्वारा फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अवैध रूप से सिम कार्ड जारी किए जा रहे थे, जिनका उपयोग अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साइबर अपराधों में किया जा रहा था।

साइबर थाना की टीम ने जांच के दौरान तीन प्रमुख प्रतिष्ठानों रौशन इंटरप्राइजेज (बेनीपुर), अभिषेक इंटरप्राइजेज (घनश्यामपुर) और विवेक मोबाइल (केवटी) की भूमिका संदिग्ध पाई गई। इनमें से विवेक मोबाइल के संचालक विवेक कुमार को गिरफ्तार किया गया है।

पूछताछ में खुलासा:

पूछताछ के दौरान विवेक कुमार ने बताया कि वह सिम एक्टिवेशन और साइबर कैफे का कार्य करता था, लेकिन सिम जारी करने से संबंधित कोई वैध डाटा बेस नहीं रखा गया था। यह गंभीर अनियमितता पाई गई।

दर्ज हुआ मामला:

इस संबंध में साइबर थाना में कांड संख्या-31/26 दिनांक 29.04.2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता 2023 की विभिन्न धाराओं एवं आईटी एक्ट 2000 की धारा 66(C) व 66(D) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

 बरामदगी:

तलाशी के दौरान विवेक कुमार की दुकान से 36 एयरटेल के ब्लैंक सिम कार्ड , 02 मोबाइल फोन (POCO, VIVO), 01 बायोमेट्रिक डिवाइस बरामद किए गए। जांच में यह भी सामने आया कि इनके द्वारा सक्रिय किए गए 34 सिम कार्ड कम्बोडिया में संचालित हो रहे थे, जिनका उपयोग साइबर स्लेवरी और अन्य ठगी में किया जा रहा था।

रौशन झा (बेनीपुर) पहले से ही एक अन्य मामले में न्यायिक हिरासत में हैं। अभिषेक कुमार (घनश्यामपुर) फरार चल रहा है और उसकी तलाश जारी है।

साइबर डीएसपी ने साइबर अपराध से बचने के लिए आम नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की  है। किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी की सूचना तत्काल राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर देने की बात कही हे ।दरभंगा में सामने आया यह मामला दर्शाता है कि साइबर अपराध का नेटवर्क अब अंतरराष्ट्रीय स्तर तक फैल चुका है। पुलिस और जांच एजेंसियां इस नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए लगातार कार्रवाई कर रही हैं।