अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का भंडाफोड़, फर्जी आधार कार्ड बनाने वाले नेटवर्क का पुलिस ने किया खुलासा
अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का भंडाफोड़, फर्जी आधार कार्ड बनाने वाले नेटवर्क का पुलिस ने किया खुलासा
अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का भंडाफोड़, फर्जी आधार कार्ड बनाने वाले नेटवर्क का पुलिस ने किया खुलासा
दस्तक 7 मिडिया, दरभंगा।
बिहार के दरभंगा जिले के बिरौल थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक बड़े अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह जाली दस्तावेजों के आधार पर अवैध रूप से आधार कार्ड बनाने और उनमें हेरफेर करने के खेल में लिप्त था। भोजपुर पुलिस और बिरौल पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में इस गिरोह के एक मुख्य सदस्य को गिरफ्तार किया गया है, जिसके तार कई राज्यों से जुड़े होने की पुष्टि हुई है।
जानकारी के अनुसार, भोजपुर पुलिस ने एक पूर्व दर्ज एफआईआर के आधार पर गहन तकनीकी जांच शुरू की थी। जांच के दौरान साइबर अपराधियों के कनेक्शन बिरौल थाना से जुड़े पाए गए। इसी कड़ी में, भोजपुर पुलिस ने बिरौल पुलिस के साथ मिलकर
पुलिस ने मौके से ग्यारी गांव निवासी फूल हसन को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। बताया जा रहा है कि फूल हसन इस अवैध नेटवर्क का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इससे पूर्व भोजपुर पुलिस ने दो अन्य साइबर अपराधियों को भी दबोचा था, जिनसे पूछताछ के बाद बिरौल में इस छापेमारी को अंजाम दिया गया।
पुलिस ने आरोपियों के पास से भारी मात्रा में डिजिटल उपकरण बरामद किए हैं, जिनमें शामिल हैं। हाई-टेक लैपटॉप,अत्याधुनिक आइरिस स्कैनर,फिंगरप्रिंट मशीनें व अन्य इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स
सूत्रों के अनुसार,यह गिरोह फर्जी पहचान पत्रों और जाली दस्तावेजों का उपयोग कर आधार कार्ड में नाम, पता और जन्मतिथि बदलने का अवैध धंधा चला रहा था। चौंकाने वाली बात यह है कि एक आधार कार्ड को अपडेट करने या बनाने के बदले गिरोह के सदस्य गरीब और अनजान लोगों से 05 हजार से लेकर 10 हजार रुपये तक की मोटी रकम वसूलते थे।
पुलिस जांच में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि इस गिरोह का नेटवर्क केवल बिहार तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इनके तार झारखंड और ओडिशा जैसे राज्यों से भी जुड़े हैं। यह एक संगठित अंतरराज्यीय गिरोह है जो संभवतः बड़े पैमाने पर साइबर ठगी और डेटा चोरी जैसे अपराधों को अंजाम देने के लिए फर्जी आधार कार्ड तैयार करता था।
साइबर सेल अब बरामद उपकरणों की सूक्ष्मता से जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि अब तक कितने फर्जी आधार कार्ड बनाए गए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि”गिरफ्तार आरोपियों से कड़ी पूछताछ की जा रही है। हमें उम्मीद है कि जल्द ही इस गिरोह के अन्य सदस्यों और इनके मास्टरमाइंड तक पुलिस के हाथ पहुंच जाएंगे। बताया जाता है कि वर्ष 2024 में अनुमंडल पदाधिकारी के निर्देश पर कोठी पुल स्थित आधार कार्ड सेंटर पर छापामारी में फूल हसन को हिरासत में लिया गया था,
जिसे बाद में पीआर वाउंड पर छोड़ दिया गया था। पुनि पर्यवेक्षी पदाधिकारी अमृत लाल वर्मन ने लोगों से अपील की है कि वे आधार कार्ड से संबंधित किसी भी कार्य के लिए केवल सरकार द्वारा अधिकृत केंद्रों पर ही जाएं। किसी भी बिचौलिए या दलाल के झांसे में न आएं, क्योंकि अवैध तरीके से आधार बनवाना न केवल दंडनीय अपराध है, बल्कि यह आपकी सुरक्षा के लिए भी बड़ा खतरा हो सकता है। साइबर अपराध के इस दौर में पुलिस की यह कार्रवाई एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है, जिससे सुरक्षा एजेंसियों को फर्जी पहचान पत्रों के सहारे होने वाली अवैध गतिविधियों को रोकने में मदद मिलेगी।