दरभंगा में नशा उन्मूलन पर सख्ती, लापरवाही पर 6 अधिकारियों का वेतन बंद

दस्तक 7 मीडिया /दरभंगा 

समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में जिलाधिकारी कौशल कुमार की अध्यक्षता में जिला स्तरीय एनसीओआरडी (NCORD) समिति की बैठक आयोजित हुई, जिसमें नशा उन्मूलन और अवैध दवा कारोबार पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

बैठक में जिलाधिकारी ने सहायक औषधि नियंत्रक एवं सभी ड्रग इंस्पेक्टरों को अपने-अपने क्षेत्र के मेडिकल स्टोर और थोक दवा विक्रेताओं का नियमित निरीक्षण कर रिपोर्ट देने को कहा। अवैध दवा दुकानों पर औचक छापेमारी कर सख्त कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए। विभागीय कार्य में लापरवाही पाए जाने पर एक सहायक औषधि नियंत्रक और पांच ड्रग इंस्पेक्टरों का वेतन अगले आदेश तक बंद कर दिया गया।

बैठक में जानकारी दी गई कि दरभंगा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (DMCH) में 10 बेड का नशा मुक्ति केंद्र संचालित है, जहां नशे के आदी मरीजों का इलाज किया जा रहा है। यहां मरीजों के साथ एक परिजन को भी मुफ्त भोजन, आवास और दवा की सुविधा दी जाती है। जिलाधिकारी ने बिरौल अनुमंडल में भी नशा मुक्ति केंद्र खोलने के लिए प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया।

नगर निगम क्षेत्र के शैक्षणिक संस्थानों के 500 मीटर दायरे में चल रही अवैध दवा दुकानों की सूची तैयार करने और जांच करने का निर्देश भी ड्रग इंस्पेक्टरों को दिया गया। साथ ही युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया गया।

जिलाधिकारी ने सभी थाना प्रभारियों को हर शनिवार अंचलाधिकारी कार्यालय में आयोजित भूमि विवाद समाधान बैठक में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने का निर्देश दिया। वहीं शराब मामलों में जब्त वाहनों के राज्यसात की प्रक्रिया में आवश्यक सहयोग देने को कहा गया।

वरीय पुलिस अधीक्षक ने नेपाल सीमा से सटे मधुबनी और सीतामढ़ी जिलों के सीमावर्ती थानों को विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया और औषधि निरीक्षकों के साथ समन्वय कर कार्रवाई करने को कहा।

बैठक में सहायक समाहर्ता कल्पना रावत, सिविल सर्जन डॉ. अरुण कुमार, उपनिदेशक जनसंपर्क सत्येंद्र प्रसाद, सहायक आयुक्त मद्यनिषेध प्रदीप कुमार समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।