बिरौल प्रखंड प्रमुख के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव, भ्रष्टाचार और अनदेखी के गंभीर आरोप
बिरौल प्रखंड प्रमुख के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव, भ्रष्टाचार और अनदेखी के गंभीर आरोप
बिरौल प्रखंड प्रमुख के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव, भ्रष्टाचार और अनदेखी के गंभीर आरोप
दस्तक 7 मिडिया, बिरौल, दरभंगा।
बिरौल प्रखंड की राजनीति में उस वक्त हलचल मच गई, जब पंचायत समिति सदस्यों ने एकजुट होकर वर्तमान प्रखंड प्रमुख के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव का बिगुल फूंक दिया। सोमवार को पंचायती राज अधिनियम 2006 की धारा 44 (3) के तहत एक आवेदन सौंपकर प्रमुख के कार्यकलापों पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। पंचायत समिति के निर्वाचित सदस्यों ने सामूहिक रूप से अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए प्रमुख पर निम्नलिखित मुख्य आरोप लगाए हैं। और इससे संबंधित एक आवेदन प्रमुख को सौंपते हुए अविश्वास प्रस्ताव को लेकर तिथि जल्द निर्धारित करने का आग्रह किया है। सदस्यों का आरोप है कि पंचायत समिति की बैठकों में पारित होने वाले प्रस्तावों को कार्यालय के माध्यम से लागू करने के बजाय, प्रमुख द्वारा निजी मिलीभगत और लाभ के लालच में ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है।
सदस्यों ने दावा किया कि पिछले 2 वर्षों के दौरान विभिन्न मदों से प्राप्त होने वाली राशि का कोई विवरण समिति को नहीं दिया गया है।
आवेदन में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि सरकारी राशि का लाभ सभी समितियों को समान रूप से देने के बजाय, इसे चुनिंदा चहेते लोगों के बीच बांट दिया जाता है। छठे वित्त आयोग से प्राप्त राशि कहाँ और कैसे खर्च हुई, इसका कोई लेखा-जोखा सदस्यों को उपलब्ध नहीं कराया गया है। सदस्यों का कहना है कि वे पिछले दो वर्षों से प्रमुख की कार्यप्रणाली से असंतुष्ट हैं। उनका तर्क है कि लोकतांत्रिक मूल्यों की अनदेखी और भ्रष्टाचार के कारण प्रखंड का विकास कार्य प्रभावित हो रहा है। इस अविश्वास प्रस्ताव के बाद अब प्रखंड प्रशासन और राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा तेज है कि आगे की बैठक में शक्ति परीक्षण का परिणाम क्या होगा।