तीन सौ छात्र-छात्राओं का शिक्षण कार्य पांच कमरे पर निर्भर,अपनी समस्या पर कह रहा है बिरौल का मध्य विद्यालय, मूलभूत सुविधा से बंचित हैं हम।
तीन सौ छात्र-छात्राओं का शिक्षण कार्य पांच कमरे पर निर्भर,अपनी समस्या पर कह रहा है बिरौल का मध्य विद्यालय, मूलभूत सुविधा से बंचित हैं हम।
तीन सौ छात्र-छात्राओं का शिक्षण कार्य पांच कमरे पर निर्भर,अपनी समस्या पर कह रहा है बिरौल का मध्य विद्यालय , मूलभूत सुविधा से बंचित हैं हम।
नीलेश /बिरौल नीलेश / बिरौल।
एक ओर जहां सरकार शिक्षा व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए संकल्पित है वहीं दुसरी ओर दर्जनों ऐसे विद्यालय हैं जहां भवन के अभाव में बच्चे यत्रतत्र बैठा कर पठन पाठन करने को मजबूर हैं। उन विद्यालयों के सूची में मध्य विद्यालय खेबा बिरौल भी शामिल है। यहां कूल नामांकित छात्र-छात्राओं की संख्या 475 है। जिसमें रविवार को छोड़ 303 छात्र-छात्रा नियमित रूप से अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हैं। बच्चों को पढ़ाने के लिए सरकार की ओर से 23 शिक्षक पदस्थापित हैं लेकिन कक्षा भवन के अभाव में इन शिक्षकों को पढ़ाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। विद्यालय भवन के अभाव से शिक्षण कार्य में उत्पन्न हो रही समस्या को लेकर प्रधानाध्यापक की ओर से विभाग को कई अवगत कराया जा चुका है। बावजूद विभागीय अधिकारी एवं स्थानीय जनप्रतिनिधि को बच्चों के पठन-पाठन को लेकर कोई चिंता है अथवा नहीं यह तो विद्यालय के भीतरी व्यवस्था को देख कर सब कुछ स्पष्ट हो जाता है। जानकारी के अनुसार मध्य विद्यालय खेबा को लगभग 1 कठ्ठा भूमि उपलब्ध है। जिसमें 6 कमरा का निर्माण किया हुआ है। इनमें से एक कमरा कार्यालय एवं स्टोर के उपयोग में लाया जाता है।शेष बचे 5 कमरा में 1 से लेकर वर्ग 8 तक की पढ़ाई होती है।परिसर में पेय जल की कमी से बच्चों के साथ समस्या हो रही है। प्रधानाध्यापक नित्यानंद ने बताया कि कमरा के अभाव में बच्चों पठन पाठन कार्य बरामदे पर संचालन किया जा रहा है। बीईओ कृष्ण कुमार ने विद्यालय में भवन का अभाव होने की बात स्वीकार करते हुए कहा कि अंचल प्रशासन के द्वारा भूमि उपलब्ध कराने के बाद ही भवन का निर्माण किया जा सकता है।