ब्रिटिश पार्लियामेंट से ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी तक गूंजा मिथिलांचल का नाम,

डॉ. सुमित कुमार झा को इंग्लैंड और यूनाइटेड किंगडम में तीन अंतरराष्ट्रीय सम्मान

दस्तक 7मीडिया, अफजल खान 

मिथिलांचल के लिए अत्यंत गौरव और हर्ष का विषय है कि प्रख्यात होम्योपैथिक चिकित्सक, Yours Clinic के संस्थापक एवं CEO डॉ. सुमित कुमार झा को इंग्लैंड और यूनाइटेड किंगडम के प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय मंचों पर तीन महत्वपूर्ण सम्मानों से सम्मानित किया गया है। डॉ. झा को द ब्रिटिश पार्लियामेंट, लंदन, यूनाइटेड किंगडम में द British Parliament Honour for Global Homoeopathy Award, ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी, ऑक्सफोर्ड, इंग्लैंड में Global Excellence Award in Homoeopathy तथा नेचुरल हिस्ट्री म्यूजियम, लंदन, इंग्लैंड में The International Homoeopathic Visionary Award प्रदान किया गया।

डॉ. सुमित कुमार झा की यह उपलब्धि केवल एक व्यक्ति के सम्मान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे मिथिलांचल, बिहार और देश के लिए गौरव का क्षण है। विश्व के इतने प्रतिष्ठित मंचों पर सम्मानित होना इस बात का प्रमाण है कि भारतीय होम्योपैथी अब वैश्विक स्तर पर नई पहचान बना रही है और उसके प्रति सम्मान तथा विश्वास निरंतर बढ़ रहा है। डॉ. झा ने अपने ज्ञान, समर्पण, सेवा-भाव और दूरदर्शी नेतृत्व के बल पर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी विशिष्ट उपस्थिति दर्ज कराई है।

विशेष रूप से द ब्रिटिश पार्लियामेंट, ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और नेचुरल हिस्ट्री म्यूजियम, लंदन जैसे विश्वविख्यात स्थलों पर सम्मान प्राप्त करना अपने आप में एक ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है। इन सम्मानों ने न केवल डॉ. झा के कार्यों को वैश्विक मान्यता दिलाई है, बल्कि मिथिलांचल की प्रतिभा और भारतीय होम्योपैथी की शक्ति को भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर मजबूती से स्थापित किया है।

डॉ. झा की इस सफलता की खबर से दरभंगा सहित पूरे मिथिलांचल में खुशी की लहर है। सामाजिक, चिकित्सा और बुद्धिजीवी वर्गों में इस उपलब्धि को अत्यंत सम्मान के साथ देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि यह सम्मान आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा और यह बताएगा कि छोटे शहरों और साधारण पृष्ठभूमि से निकलकर भी विश्व मंच पर असाधारण पहचान बनाई जा सकती है।

डॉ. सुमित कुमार झा ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो, सेवा के प्रति निष्ठा हो और कार्य के प्रति समर्पण हो, तो दुनिया का कोई भी मंच दूर नहीं होता। उनकी यह उपलब्धि निश्चय ही मिथिलांचल के इतिहास में गर्व से याद की जाएगी।