दरभंगा में प्रशिक्षु अवर निरीक्षकों की समीक्षा बैठक, डीआईजी ने व्यवहारिक प्रशिक्षण पर दिया जोर
दरभंगा में प्रशिक्षु अवर निरीक्षकों की समीक्षा बैठक, डीआईजी ने व्यवहारिक प्रशिक्षण पर दिया जोर
दरभंगा में प्रशिक्षु अवर निरीक्षकों की समीक्षा बैठक, डीआईजी ने व्यवहारिक प्रशिक्षण पर दिया जोर
दस्तक 7मीडिया/दरभंगा
मिथिला क्षेत्र के उप-महानिरीक्षक मनोज तिवारी द्वारा वरीय पुलिस अधीक्षक की उपस्थिति में पुलिस कार्यालय कक्ष में प्रशिक्षु पुलिस अवर निरीक्षक (2023 बैच) के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रशिक्षु अवर निरीक्षकों के व्यवहारिक प्रशिक्षण से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने प्रशिक्षण उपरांत जिला स्तर पर पुलिस के मूल कर्तव्यों के प्रभावी निर्वहन पर विशेष बल दिया। प्रशिक्षुओं को निर्देश दिया गया कि किसी भी व्यक्ति की गिरफ्तारी उचित आधार एवं कारण बताते हुए ही की जाए। सात वर्ष से अधिक सजा वाले मामलों में एफएसएल जांच को अनिवार्य रूप से शामिल करने पर जोर दिया गया।
बैठक में आर्म्स एक्ट एवं अन्य गंभीर मामलों में कांड दैनिकी को सुनियोजित और सटीक ढंग से लिखने के निर्देश दिए गए। साथ ही अंचल पुलिस निरीक्षक कार्यालय में जाकर विभिन्न कांड दैनिकी का अवलोकन करने और उनसे सीखने की बात कही गई। सड़क जाम, पुलिस पर हमला और वाहन चोरी जैसे मामलों का गहन अध्ययन कर उनके सफल उद्भेदन पर ध्यान केंद्रित करने का निर्देश भी दिया गया।इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के बेहतर उपयोग के लिए हैश वैल्यू निकालने तथा मामलों की गुणवत्ता सुधारने पर बल दिया गया। थाना स्तर पर चौकीदारी परेड में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बिना पर्याप्त कारण के मृत्यु का उल्लेख नहीं करने और थाना दैनिकी को सुव्यवस्थित एवं क्रमबद्ध तरीके से संधारित करने के निर्देश भी दिए गए।
इसके अलावा सात वर्ष से कम सजा वाले मामलों में गिरफ्तारी के बजाय नोटिस जारी कर आरोपी को जांच में शामिल करने की प्रक्रिया अपनाने, थाना दैनिकी में किसी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं करने और दंगा या आपात स्थिति में असामाजिक तत्वों से निपटने के प्रभावी उपाय अपनाने पर जोर दिया गया।
अधिकारियों ने यह भी निर्देश दिया कि गिरफ्तारी के बाद प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर अन्य अभियुक्तों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए तथा किसी भी घटना के घटित होने से पहले ही उसके निवारण के लिए सक्रिय प्रयास किए जाएं। सभी पीड़ितों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए त्वरित समाधान करने और थाना सिरिस्ता के सभी पंजियों का नियमित अवलोकन एवं संधारण करने की भी बात कही गई।