अक्षय तृतीया पर बाल विवाह के विरुद्ध दरभंगा प्रशासन की हुंकार, श्यामा माई परिसर में गूँजी ‘सखी वार्ता’

दस्तक 7मीडिया/दरभंगा 

अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर जहाँ एक ओर शुभ कार्यों की धूम रही, वहीं दरभंगा जिला प्रशासन ने बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति पर कड़ा प्रहार करने का संकल्प लिया। शनिवार को सदर प्रखंड स्थित माँ श्यामा मंदिर न्यास समिति (मधेश्वर परिसर) में जिला प्रशासन एवं महिला एवं बाल विकास निगम के निर्देशन में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम-सह-सखी वार्ता का आयोजन किया गया।

कुरीतियों के खिलाफ एकजुट हुआ समाज

जिला हब फॉर एंपावरमेंट ऑफ वीमेन DHEWतथा वन स्टॉप सेंटर द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में श्रद्धालुओं और स्थानीय महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य अक्षय तृतीया के अबूझ मुहूर्त में होने वाले संभावित बाल विवाहों को रोकना और समाज को दहेज मुक्त बनाने के लिए प्रेरित करना था।

कानूनी और स्वास्थ्य पहलुओं पर चर्चा

वन स्टॉप सेंटर की केंद्र प्रशासक आजमतुन निशा एवं जेंडर स्पेशलिस्ट डॉली कुमारी ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि “बाल विवाह न केवल एक दंडनीय अपराध है, बल्कि यह बेटियों के शारीरिक स्वास्थ्य और उनके शिक्षा के अधिकार का हनन भी है। एक सशक्त समाज के लिए बेटियों का मानसिक और शारीरिक रूप से परिपक्व होना अनिवार्य है।

सरकारी योजनाओं की दी गई जानकारी

वित्तीय साक्षरता विशेषज्ञ वीरेन्द्र कुमार ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने वाली विभिन्न योजनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने मुख्य रूप से मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना,प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना (PMMVY)बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के लाभ उठाने की प्रक्रिया समझाई। साथ ही, किसी भी आपात स्थिति में सहायता के लिए 181 महिला हेल्पलाइन और 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन नंबरों को याद रखने की अपील की गई।

शपथ के साथ संपन्न हुआ कार्यक्रम

कार्यक्रम के समापन पर मंदिर परिसर में मौजूद कर्मियों, सेवादारों और श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से बाल विवाह न करने और समाज में इसे रोकने के लिए सक्रिय भूमिका निभाने की शपथ ली। इस अभियान ने धार्मिक आयोजनों के बीच सामाजिक सुधार का एक सशक्त संदेश प्रसारित किया है।