बेटियों के सपनों पर ताला लगाने की कोशिश कर रहा विपक्ष :मीना झा 

दस्तक 7मीडिया/अफजल खान 

देश की आधी आबादी को राजनीति में समान भागीदारी देने वाला ऐतिहासिक महिला सशक्तिकरण विधेयक एक बार फिर सदन में पारित नहीं हो सका। इसका एकमात्र कारण कांग्रेस और INDI गठबंधन का रवैया रहा, जिसने लगातार बाधा डालकर बिल को रोकने का काम किया। मीडिया से बात करते हुए बिहार प्रदेश भाजपा महिला मोर्चा की महामंत्री *मीना झा* ने तीखा प्रहार करते हुए कहा, “यह सिर्फ दुर्भाग्यपूर्ण नहीं, शर्मनाक है। विपक्ष ने आज फिर साबित कर दिया कि उनके लिए राजनीति सेवा का माध्यम नहीं, बल्कि ‘पारिवारिक विरासत’ बचाने की दुकान है।”उन्होंने कहा, “सोचिए उस माँ का दर्द जो अपनी बेटी को अफसर, विधायक, सांसद बनते देखना चाहती है। उस बेटी की आँखों में तैरते सपनों को कांग्रेस और INDI गठबंधन ने अपने अहंकार की बलि चढ़ा दिया। आम घरों की बेटियों को पंचायत से संसद तक नेतृत्व देने वाले कानून का विरोध सिर्फ इसलिए हो रहा है ताकि राजनीति के ऊँचे मंचों पर कुछ चुनिंदा परिवारों का ही कब्जा बरकरार रहे।”मीना झा ने आक्रोश जताते हुए कहा, “देश की बेटियाँ अब पहचान चुकी हैं कि असली नेतृत्व कौन दे रहा है और कौन सिर्फ अपनी सियासी सल्तनत बचाने में जुटा है। कांग्रेस और INDI गठबंधन की यह सामंती सोच, यह बेटी-विरोधी मानसिकता अब नहीं चलेगी। “जो हकदार हैं, वो स्थान प्राप्त करें। महिला आरक्षण बिल केवल एक कानून नहीं है, यह करोड़ों माताओं-बहनों के सम्मान, उनके टूटे सपनों और आने वाली पीढ़ियों के अवसर का सवाल है। जिसे विपक्ष ने अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए बंधक बना लिया है। यह सीधा-सीधा नारी शक्ति का अपमान है।”महिला मोर्चा ने ऐलान किया, “हम घर-घर, गाँव-गाँव जाकर यह सच रखेंगे। जनता को बताएंगे कि कौन उनकी बेटियों के हक के साथ खड़ा है और कौन सिर्फ परिवारवाद की कुर्सी बचाने में लगा है। देश की नारी शक्ति को उसका अधिकार मिलकर रहेगा, चाहे INDI गठबंधन कितनी भी बाधा डाले।