मुख्यमंत्री के शपथ के बाद तुरंत एक्शन में सम्राट चौधरी, अधिकारियों को दिया सख्त संदेश,लापरवाही बर्दाश्त नहीं

दस्तक 7मीडिया/पटना 

बिहार के नए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पद की शपथ लेते ही प्रशासनिक मोर्चे पर तेजी दिखाते हुए बुधवार को सचिवालय पहुंचकर कार्यभार संभाल लिया। पदभार ग्रहण करने के तुरंत बाद उन्होंने राज्य के वरीय आईएएस अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक कर शासन की प्राथमिकताएं स्पष्ट कर दीं।

बैठक में मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि सरकार की पहली जिम्मेदारी जनता से जुड़े मुद्दों का त्वरित और प्रभावी समाधान है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि विकास योजनाओं में किसी भी प्रकार की ढिलाई या लापरवाही बिल्कुल भी स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी विभागों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपने लक्ष्यों को हर हाल में पूरा करना होगा।

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और कानून-व्यवस्था जैसे अहम क्षेत्रों पर फोकस करने को कहा। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि जिन परियोजनाओं में देरी होगी, उसके लिए संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।

जनता की समस्याओं के समाधान को लेकर मुख्यमंत्री ने पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर देते हुए कहा कि आम लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें। उनकी शिकायतों का निपटारा समयबद्ध और निष्पक्ष तरीके से होना चाहिए।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों से चल रही विकास योजनाओं की विस्तृत रिपोर्ट भी मांगी और नई परियोजनाओं के प्रस्ताव जल्द तैयार करने के निर्देश दिए।

राजनीतिक संकेत देते हुए उन्होंने कहा कि बिहार में विकास का मॉडल केंद्र की नीतियों और पूर्व अनुभवों के समन्वय से आगे बढ़ेगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार कामकाज में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं करेगी।

गौरतलब है कि नई सरकार में मुख्यमंत्री के साथ उपमुख्यमंत्री के रूप में विजय कुमार चौधरी और विजेंद्र प्रसाद यादव ने भी शपथ ली है। सूत्रों के मुताबिक, कैबिनेट का विस्तार मई में संभावित है, जिसमें कई नए चेहरों को मौका मिल सकता है, जबकि कुछ पुराने नेताओं को जगह न मिलने की भी चर्चा है।