मिल्लत कॉलेज दरभंगा में अंबेडकर जयंती पर संभाषण व निबंध प्रतियोगिता आयोजित
मिल्लत कॉलेज दरभंगा में अंबेडकर जयंती पर संभाषण व निबंध प्रतियोगिता आयोजित
मिल्लत कॉलेज दरभंगा में अंबेडकर जयंती पर संभाषण व निबंध प्रतियोगिता आयोजित
दस्तक 7 मीडिया/अफज़ल खान
मिल्लत कॉलेज, दरभंगा में डॉ. भीम राव अंबेडकर जयंती के अवसर पर आईक्यूएसी, एनएसएस एवं राजनीति विज्ञान विभाग के संयुक्त तत्वावधान में संभाषण एवं निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन प्राचार्य डॉ. सिद्धार्थ शंकर सिंह के संरक्षण में हुआ, जबकि अध्यक्षता उर्दू विभाग के वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. शाहनवाज़ आलम ने की।
अध्यक्षीय संबोधन में डॉ. आलम ने कहा कि डॉ. अंबेडकर का जीवन संघर्षों से भरा रहा और उनकी शिक्षा व प्रयासों का ही परिणाम है कि भारतीय संविधान समतामूलक समाज की नींव रखता है। हिंदी विभाग के डॉ. मुन्ना साह ने सामाजिक न्याय के सिद्धांत पर प्रकाश डालते हुए समानता, स्वतंत्रता और बंधुत्व को समाज के लिए अनिवार्य बताया।
राजनीति विज्ञान विभागाध्यक्ष व बर्सर डॉ. जमशेद आलम ने अंबेडकर की प्रसिद्ध उक्ति “शिक्षा शेरनी का दूध है…” का उल्लेख करते हुए शिक्षा और संघर्ष के महत्व पर जोर दिया। दर्शनशास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ. सोनी शर्मा ने कहा कि अंबेडकर ने संविधान के माध्यम से सामाजिक भेदभाव से मुक्ति दिलाते हुए सम्मानजनक जीवन का अधिकार सुनिश्चित किया। वहीं, मैथिली विभाग के डॉ. विजय शंकर पंडित ने कहा कि जीवन में सफलता का कोई विकल्प संघर्ष के बिना संभव नहीं है।
निबंध प्रतियोगिता में 15 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिसमें नूरजबीन प्रथम, निगार फातमा द्वितीय तथा मुस्कान खातून तृतीय स्थान पर रहीं। संभाषण प्रतियोगिता में 10 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिसमें निगार फातमा प्रथम, शायमा परवीन द्वितीय एवं सल्तनत अंजुम तृतीय स्थान पर रहीं।
निर्णायक मंडल में डॉ. कीर्ति चौरसिया, डॉ. वीरेंद्र कुमार मिश्रा, डॉ. सुभाष कुमार एवं डॉ. निशा कुमारी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम का संचालन आईक्यूएसी समन्वयक व अंग्रेजी विभागाध्यक्ष डॉ. वीरेंद्र कुमार मिश्रा ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ. कीर्ति चौरसिया ने किया। कार्यक्रम में डॉ. अमृता प्रियदर्शिनी, डॉ. बासेरा बरक़ीब, डॉ. जिलानी, डॉ. अब्दुर राफे, डॉ. जावेद अख्तर सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति रही।