32 साल बाद न्याय: दरभंगा कोर्ट का बड़ा फैसला, तीन दोषियों को सजा
32 साल बाद न्याय: दरभंगा कोर्ट का बड़ा फैसला, तीन दोषियों को सजा
32 साल बाद न्याय: दरभंगा कोर्ट का बड़ा फैसला, तीन दोषियों को सजा
दस्तक 7मीडिया दरभंगा /विधि संवाददाता
सिविल कोर्ट दरभंगा के अपर सत्र न्यायाधीश उपेन्द्र कुमार की कोर्ट ने शुक्रवार को 26 वर्ष पुराने एक अपील वाद में कमतौल थाना क्षेत्र के ब्रहमपुर गाँव के सोतिया टोले के राम लला ठाकुर, संजय ठाकुर, सुशील ठाकुर को 10 दिनों की कारावास और पांच सौ रूपये की अर्थदंड की सजा शुक्रवार को सुनाई है। अर्थदंड नहीं देने पर 5 दिन की अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतने का प्रावधान किया है। इस अपील वाद में अपर लोक अभियोजक अंजु कुमारी और राम उदगार मोची ने पी पी अमरेन्द्र नारायण झा के दिशा निर्देशण में प्रतिवादी राज्य सरकार की ओर से बखूबी पक्ष रखें। पीपी श्री झा ने बताया कि 20 फरवरी 1994 को परिवादी रामजी ठाकुर के खेत में 9 बजे दिन में चार अभियुक्त अपने भैंस से चारा खिलवा दिया था।रामजी ठाकुर के रोकने पर उनके दरवाजे पर आकर सभी चारों व्यक्ति लाठी, डंडा से मारपीट किया एवं एक एभन साईकिल , लोटा, बालटीन जबरन ले गया। जिस मामलें के मुकदमा में 31 जुलाई 2000 को सिविल कोर्ट दरभंगा के तत्कालीन प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी राजकुमार की अदालत ने चार अभियुक्त को दोषी पाकर भादवि की धारा 323 में तीन माह, 447 में तीन माह, 504 में तीन माह,426 में तीन माह,380 में 6 माह और 24 सी टी एक्ट में एक माह की सजा सुनाया। जिस निर्णय के विरुद्ध सजायफ्ता चार लोगों ने वर्ष 2000 में दांडिक अपील 53/2000 सत्र न्यायालय में दर्ज कराया।घटना के 32 वर्ष बाद और अपील के 26 वर्ष बाद शुक्रवार को तीन दोषी को अपर सत्र न्यायाधीश उपेन्द्र कुमार की आदालत ने सजा सुनाई है।वहीं एक दोषी राम इकवाल ठाकुर का मृत्यु अपील सूनवाई के दौरान हो गई थी। अपील वाद में निर्णय होने की चर्चा कोर्ट प्रांगण में होती रही की अब अदालत में पांच दिन की कारावास की भी सजा होती है। पीपी श्री झा ने बताया कि वे अपने योगदान की तिथि से ही पुराने मुकदमे को चिन्हित कर पूरी तैयारी कर निर्णय की ओर अग्रसर हैं।