भारत-नेपाल सीमा पर रेल मार्ग से घुसपैठ रोकने को लेकर पटना में उच्चस्तरीय बैठक,पुलिस महानिदेशक की अध्यक्षता में बैठक संपन्न।

दस्तक 7मीडिया /पटना 

पटना स्थित सरदार पटेल भवन के  कॉन्फ्रेंस हॉल में मंगलवार को बिहार के पुलिस महानिदेशक विनय कुमार की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य भारत-नेपाल सीमा पर रेल गाड़ियों के माध्यम से होने वाली घुसपैठ एवं अन्य संगठित अवैध गतिविधियों की प्रभावी रोकथाम सुनिश्चित करना था।

बैठक में विभिन्न सुरक्षा एवं खुफिया एजेंसियों के शीर्ष अधिकारियों ने भाग लिया और सीमा सुरक्षा से जुड़े अहम बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की गई। इस दौरान रेलवे मार्गों का दुरुपयोग कर होने वाली अवैध गतिविधियों, जैसे घुसपैठ, तस्करी एवं आपराधिक नेटवर्क की गतिविधियों पर विशेष रूप से चिंता व्यक्त की गई।

बैठक में पुलिस महानिदेशक, विशेष शाखा/अभियान, बिहार, अपर पुलिस महानिदेशक (विधि-व्यवस्था/एटीएस), अपर पुलिस महानिदेशक (रेलवे), अपर पुलिस महानिदेशक (कमजोर वर्ग), संयुक्त निदेशक बीडी पटना, महानिरीक्षक-सह-प्रधान सुरक्षा आयुक्त रेलवे सुरक्षा बल हाजीपुर एवं गोरखपुर, मुख्य सुरक्षा आयुक्त रेलवे सुरक्षा बल मालेगांव (गुवाहाटी), एसएसबी फ्रंटियर पटना के पुलिस महानिरीक्षक एवं उप-महानिरीक्षक, एसटीएफ बिहार के पुलिस उप-महानिरीक्षक, रेलवे बिहार के पुलिस उप-महानिरीक्षक, एनएलए पटना के पुलिस अधीक्षक, विशेष शाखा बिहार के पुलिस अधीक्षक (बी), एनसीबी पटना के अधीक्षक, आयकर विभाग पटना के एडिशनल डीआईटी (इन्वेस्टिगेशन), आईबी पटना के एसीआईओ सहित सभी रेल पुलिस अधीक्षक उपस्थित रहे।

इसके अतिरिक्त, कोलकाता से महानिरीक्षक-सह-प्रधान सुरक्षा आयुक्त, रेलवे सुरक्षा बल ने वर्चुअल माध्यम से बैठक में भाग लिया।

बैठक के दौरान निर्णय लिया गया कि भारत-नेपाल सीमा से जुड़े रेलवे स्टेशनों एवं ट्रेनों में निगरानी और सख्त की जाएगी। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाएगा। साथ ही, खुफिया सूचनाओं के आदान-प्रदान को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया।

पुलिस महानिदेशक ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि रेल मार्ग से होने वाली किसी भी अवैध गतिविधि पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए तथा संयुक्त अभियान चलाकर सीमा सुरक्षा को मजबूत किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार इस दिशा में पूरी तरह गंभीर है और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।बैठक को भारत-नेपाल सीमा की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।