बड़ी लापरवाही, बिरौल में अनियंत्रित होकर गड्ढे में पलटी स्कूली मैजिक, बाल-बाल बचे दो दर्जन बच्चे, राहगीरों की तत्परता से सभी सुरक्षित

दस्तक7 मिडिया,अमीत झा, गौड़ाबौराम।

दरभंगा जिले के घनश्यामपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत बंगराहटा-बिरौल मुख्य मार्ग पर मंगलवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। दिल्ली पब्लिक स्कूल, बिरौल की एक स्कूली मैजिक वाहन (BR 07 P 7394) अनियंत्रित होकर सड़क किनारे करीब 8-10 फीट गहरे पानी भरे गड्ढे में पलट गई। वाहन में एक शिक्षिका और लगभग दो दर्जन बच्चे सवार थे। गनीमत रही कि स्थानीय राहगीरों की तत्परता से सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।


प्रत्यक्षदर्शियों और वाहन में सवार छात्रों के अनुसार, चालक मोबाईल से किसी व्यक्ति से बात करने के क्रम में गाड़ी को काफी तेज रफ्तार में चला रहा था। अपना नाम नहीं छापने के शर्त पर बच्चों ने बताया कि चालक की लापरवाही देखकर वे डर गए थे और कई बच्चों ने तो डर के मारे अपनी आंखें बंद कर ली थीं। इसी दौरान चालक ने नियंत्रण खो दिया और वाहन सड़क किनारे एक पेड़ से घिसटते हुए सीधे जलकुंभी से भरे गहरे गड्ढे में जा गिरा। घटना के तुरंत बाद वहां से गुजर रहे राहगीरों ने बिना समय गंवाए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। जलकुंभी और पानी के बीच फंसे बच्चों और शिक्षिका को एक-एक कर सुरक्षित बाहर निकाला गया। इस हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, जिसे लोग एक बड़ा चमत्कार मान रहे हैं। घटना की सूचना मिलते ही घनश्यामपुर थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और जेसीबी की मदद से वाहन को गड्ढे से बाहर निकालकर जब्त कर लिया। थानाध्यक्ष आलोक कुमार ने बताया कि वाहन को थाने लाया गया है और स्कूल प्रबंधन से गाड़ी के सभी वैध कागजात पेश करने और उस पर सवार सभी बच्चों का नाम, मोबाईल नम्बर उपलब्ध कराने
को कहा गया है। वहीं, मामले की गंभीरता को देखते हुए अनुमंडल पदाधिकारी शशांक राज ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने बताया कि दिल्ली पब्लिक स्कूल के संचालक से इस लापरवाही पर स्पष्टीकरण मांगा गया है। वाहन के फिटनेस सर्टिफिकेट समेत सभी तकनीकी दस्तावेजों की जांच के निर्देश दिए गए हैं। नियमों की अनदेखी पाए जाने पर स्कूल और चालक के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


इस घटना ने निजी स्कूलों द्वारा बच्चों को ढोने के लिए उपयोग किए जा रहे खटारा और ओवरलोडेड वाहनों की सुरक्षा पर एक बार फिर सवालिया निशान खड़ा कर दिया है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि स्कूली वाहनों की नियमित जांच हो ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।