शराब तस्करी के मामले मे थानेदार सहित थाना के चार पुलिसकर्मी गिरफ्तार ,प्राथमिकी दर्ज ,अब खायेंगे जेल की हवा।
शराब तस्करी के मामले मे थानेदार सहित थाना के चार पुलिसकर्मी गिरफ्तार ,प्राथमिकी दर्ज ,अब खायेंगे जेल की हवा।
दरभंगा से संजय राय की रिपोर्ट –
वैशाली जिले के सराय थाने से बड़ी खबर आ रही हैं। थाने से शराब तस्करी के मामले मे सराय थाना के थानेदार समेत थाना के चार कर्मी को गिरफ्तार कर लिया गया हैं।
थानेदार समेत चार पुलिसकर्मी गिरफ्तार
इसमें थानाध्यक्ष विदुर कुमार ,मालखाना प्रभारी मुनेस्वर कुमार ,संतरी सुरेश कुमार एवं चौकीदार रामेश्वर राम का नाम शामिल हैं।उत्पाद विभाग की टीम ने सभी को रंगे हाथ गिरफ्तार किया हैं। हाजीपुर के नगर थाने मे सभी से पूछताछ की जा रही हैं।वैशाली एसपी रविरंजन कुमार ने कहा कि सभी के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कारवाई की जा रही हैं।
कागजों पर दिखाया कूछ और बेचने लगा शराब शराब तो विनष्ट किया गया पर मात्रा की थी कमी।
दरअसल सराय थाने की पुलिस को 3728लीटर शराब शनिवार को विनष्ट करना था ,इस दौरान कुछ शराब को विनष्ट किया गया था। ऐसा लग रहा था कि शराब को विनष्ट कर दिया गया ,लेकिन ऐसा हुआ नहीं ?
बताया जा रहा हैं कि विनष्टीकरण के दौरान शराब विनष्ट तो किया गया लेकिन मात्रा कम थी।
अब रात के अंधेरे मे थाना से खेल शुरू हो गया। तस्कर बुलाया गया ,पीक अप गाड़ी को बुलाया गया और मालखाने से शराब निकालकर पीकअप पर लोड किया जानें लगा।
उत्पाद विभाग की टीम ने मौके पर तस्करी करते पकड़ा।
इसी बीच वैशाली से उत्पाद विभाग की टीम आ रही थी। टीम के सदस्यों ने देखा तो उस पीकअप पर शराब लोड हो रहा था। टीम के सदस्यों ने इसकी सूचना एसपी समेत विभाग के सारे आलाधिकारियों को दी। उत्पाद विभाग की टीम ने इस गोरखधंधे मे शामिल और थाना पर तैनात थानाध्यक्ष समेत सभी कर्मी को अपने कब्जे मे लिया और नगर थाने ले जाकर सभी से पूछताछ कर रही हैं। सभी के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही हैं। कुछ ही घंटे बाद सभी जेल के सलाखों के पीछे जाएंगे। एसपी ने कहा कि कानून संगत कारवाई की जा रही हैं। यहां बता देना जरूरी हैं कि बिहार मे इन दिनों बड़े पैमाने पर पुलिस द्वारा यह खेल खेला जा रहा हैं। अब इस मामले मे अधिकारी देवेंद्र प्रसाद को यह जिम्मेदारी दी गई हैं कि पूरे मामले की तह से पर्दा हटाते हुये सभी पर कारवाई की जाय।
“शराब बंदी “सरकार की ड्रीम प्रोजेक्ट हैं। ऐसे मे शराब के तस्कर और थानेदार ही तस्करी करते पकड़ा जाय तो ऐसे मे आप क्या कहेंगे।
इस मामले मे सराय की पुलिस ही नहीं बिहार के अधिकांश जिलों मे यह खेल धड़ल्ले से जारी हैं।
मजिस्ट्रेट की भी भूमिका संदिग्ध
इस खेल मे विनष्टीकरण के दिन तैनात मजिस्ट्रेट की भूमिका भी संदिग्ध हैं। क्यूंकि बिनस्टीकरण के दौरान बस फार्मूले की तरह गिनती की जाती हैं और विनष्ट किया जाता हैं फिर रात के अंधेरे मे थाना से ही शराब बिकने लगता हैं। यही शिकायत अगर कोई आम आदमी एसपी से करता तो शायद उसी की मुश्किलें बढ़ जाती लेकिन महज संयोग था कि उत्पाद विभाग के टीम की नजर उस पिकअप पर पर गई जिस पीक अप पर शराब लोड किया जा रहा था और मामले का पर्दाफाश हो गया।