गैस संकट पर बवाल: एजेंसी ने मांगी पुलिस सुरक्षा, हंगामे और तोड़फोड़ की आशंका बढ़ी,खपत ज्यादा और सप्लाई कम 

दस्तक 7मीडिया /दरभंगा 

दरभंगा के लहेरियासराय स्थित आर. जे. भवानी एच.पी. गैस एजेंसी ने बढ़ते गैस संकट और ग्राहकों के आक्रोश को देखते हुए प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगाई है। एजेंसी संचालक ने 3 अप्रैल 2026 को सदर के आरक्षी उपाधीक्षक को पत्र भेजकर घर, कार्यालय और गैस गोदाम पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने की मांग की है।

पत्र में बताया गया है कि खाड़ी क्षेत्र में चल रहे युद्ध के प्रभाव के कारण पूर्णिया स्थित एचपी गैस प्लांट से मांग के अनुरूप आपूर्ति नहीं हो पा रही है। इस वजह से उपभोक्ताओं में भारी नाराजगी है और स्थिति लगातार तनावपूर्ण होती जा रही है।

एजेंसी के अनुसार, कई ग्राहक आक्रोश में आकर हंगामा, तोड़फोड़ और कर्मचारियों व परिवार के सदस्यों के साथ हाथापाई पर उतारू हो रहे हैं। आने वाले दिनों में गैस की किल्लत और बढ़ने की संभावना जताई गई है, जिससे हालात और बिगड़ सकते हैं।

ऐसे में एजेंसी ने प्रशासन से अपील की है कि गैस वितरण को सुचारू बनाए रखने और जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल प्रभाव से सुरक्षा बल तैनात किया जाए।

इस मामले की प्रतिलिपि एसएसपी ,डीएम , सदर अनुमंडलाधिकारी और संबंधित थाना प्रभारी को मेल के जरिये भेजी गई है, ताकि स्थिति पर जल्द नियंत्रण पाया जा सके।
इधर ज़िला प्रशासन प्रत्येक दिन प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कह रही हे कि गेस की कोई क़िल्लत नहीं हे।वहीं आर जे भवानी के प्रोप्राइटर रेणु झा का कहना हे कि उनके करीब 44हजार उपभोक्ता हे ,और उन्हें मांग के अनुरूप गैस नहीं मिल रहा हे ,इस कारण उनके एजेंसी द्वारा उपभोक्ताओं को गैस स्लेंडर देने में काफी देरी हो जाती हे इस कारण उपभोक्ता आक्रोशित हो जाते हे ऐसे में एजेंसी धारक करें भी तो क्या करें।इनका यह भी कहना हे कि शहर के अन्य गेस एजेंसियों में उपभोक्ताओं की संख्या 7,8,9,10हजार हे और इन्हें कंपनी द्वारा गेस भी उपलब्ध कराया जा रहा हे इस कारण इन गैस एजेंसियों का वितरण दो चार दिन देरी के बाद भी हो जाता हे लेकिन मेरे पास 44हजार उपभोक्ता हे ,जहां तीन ट्रक डेली की खपत हे लेकिन फिलहाल कंपनी एक ट्रक हीं गेस दे रही हे इस कारण समय पर गैस उपभोक्ताओ को  वितरण नहीं हो पाता हे और प्रत्येक दिन उपभोक्ताओं के क्रोध का सामना करना पड़ता हे,ऐसे में पुलिस सुरक्षा की जरूरत हे ताकि जान माल की सुरक्षा हो सके।