मधुबनी जिला के अरेर थानाध्यक्ष का वायरल ऑडियो बना शर्मिंदगी का सबब: फरियादी को न्याय के बजाय मिली गाली
मधुबनी जिला के अरेर थानाध्यक्ष का वायरल ऑडियो बना शर्मिंदगी का सबब: फरियादी को न्याय के बजाय मिली गाली
मधुबनी जिला के अरेर थानाध्यक्ष का वायरल ऑडियो बना शर्मिंदगी का सबब: फरियादी को न्याय के बजाय मिली गाली
दस्तक 7मीडिया /दरभंगा
एक ओर बिहार के डीजीपी विनय कुमार पुलिस व्यवस्था को संवेदनशील और जवाबदेह बनाने के लिए लगातार दिशा-निर्देश जारी कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ पुलिस पदाधिकारियों की कार्यशैली इन प्रयासों पर सवाल खड़े कर रही है। ताजा मामला मधुबनी जिले से सामने आया है, जिसने पूरे पुलिस महकमे को कटघरे में खड़ा कर दिया है।
मधुबनी के अरेर थाना क्षेत्र से जुड़ा एक ऑडियो इन दिनों तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल ऑडियो में कथित तौर पर थानाध्यक्ष एक फरियादी के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए सुनाई दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि फरियादी, जो दूसरे राज्य में मजदूरी करता है, अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर थानाध्यक्ष से मदद की गुहार लगा रहा था। लेकिन मदद और संवेदनशीलता दिखाने के बजाय उसे अपशब्दों का सामना करना पड़ा।
हालांकि “दस्तक 7 मीडिया” इस वायरल ऑडियो की पुष्टि नहीं करता है, लेकिन मामला सामने आते ही पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया है। मधुबनी के पुलिस अधीक्षक (एसपी) ने पूरे प्रकरण की जांच के लिए डीएसपी को जिम्मेदारी सौंपी है। जांच के बाद ही सच्चाई सामने आएगी।
अगर वायरल ऑडियो की पुष्टि होती है, तो यह न सिर्फ एक गंभीर अनुशासनहीनता का मामला होगा, बल्कि पुलिस की छवि पर भी गहरा आघात पहुंचाएगा। जनता की सुरक्षा और भरोसे के लिए जिम्मेदार पद पर बैठे अधिकारी से इस तरह के व्यवहार की उम्मीद नहीं की जा सकती।
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या जमीनी स्तर पर पुलिसिंग में सुधार के प्रयास सही तरीके से लागू हो पा रहे हैं, या फिर कुछ अधिकारी अब भी अपनी मनमानी से बाज नहीं आ रहे हैं।