PMEGP लोन के नाम पर बड़ा घोटाला: 18 लाख की ठगी उजागर, मास्टरमाइंड गिरफ्तार — बैंक कर्मियों की मिलीभगत की आशंका,साइबर थाना की कार्रवाई, SIT गठित; डेढ़ करोड़ से अधिक की ठगी के संकेत, कई और मामले जांच के दायरे मे ?

दस्तक 7मीडिया ,दरभंगा /गुड्डू राज 

दरभंगा में प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) लोन के नाम पर बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। साइबर थाना पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। प्रारंभिक जांच में करीब 18 लाख रुपये की ठगी सामने आई है, जबकि पूरे मामले का दायरा डेढ़ करोड़ रुपये से अधिक तक पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, 30 मार्च 2026 को कुशेश्वरस्थान थाना क्षेत्र के निवासी राजकिशोर राय ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके नाम पर फर्जी तरीके से 18 लाख रुपये का लोन उठा लिया गया। जांच में खुलासा हुआ कि लोन की राशि लाभुक के खाते में न जाकर “विपिन इंटरप्राइजेज” नामक फर्म के खाते में ट्रांसफर कर दी गई।

मामले की गहराई से जांच करने पर इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड विपिन पासवान निकला। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपने अपराध को स्वीकार कर लिया है।

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आईपीसी की विभिन्न धाराओं के साथ आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। उसके पास से एक मोबाइल फोन भी बरामद किया गया है, जिसे जांच में महत्वपूर्ण साक्ष्य माना जा रहा है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर साइबर डीएसपी के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया है। टीम अन्य संदिग्धों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।

साइबर डीएसपी विपिन बिहारी ने बताया कि अब तक की जांच में करीब डेढ़ करोड़ रुपये से अधिक के फर्जीवाड़े के संकेत मिले हैं। उन्होंने कहा कि लगभग 10 ऐसे मामलों की पहचान की गई है, जिनमें बैंक कर्मियों की मिलीभगत से लोन की राशि वास्तविक लाभुकों के खातों में न भेजकर जालसाजों के खातों में ट्रांसफर कर दी गई।

पुलिस का कहना है कि यह एक संगठित गिरोह का काम प्रतीत होता है और जल्द ही इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जाएगा। फिलहाल मामले की जांच जारी है और कई अन्य संदिग्धों पर पुलिस की नजर बनी हुई है।