1 अप्रैल से बिहार में बड़े बदलाव: राजस्व व्यवस्था सख्त, जमीन रजिस्ट्री हाईटेक, बिजली दरों में बदलाव

दस्तक 7मीडिया /पटना 

बिहार सरकार ने 1 अप्रैल 2026 से पूरे राज्य में प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक मजबूत और जवाबदेह बनाने के लिए कई बड़े फैसले लागू करने का निर्णय लिया है। इन बदलावों का सीधा असर आम लोगों से लेकर सरकारी कर्मचारियों तक देखने को मिलेगा। खासकर राजस्व विभाग में चल रही हड़ताल के बीच सरकार ने सख्त रुख अपनाया है।

 राजस्व प्रशासन में सख्ती, हड़ताल पर कड़ा एक्शन

उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा के निर्देश पर सरकार ने साफ कर दिया है कि अब काम में कोई बाधा बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जो अधिकारी ड्यूटी पर वापस नहीं लौटेंगे, उनकी जगह दूसरे अधिकारियों को अतिरिक्त जिम्मेदारी दी जाएगी। सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि हर अंचल में राजस्व पदाधिकारी की उपलब्धता हर हाल में सुनिश्चित करें। जनहित के कामों में बाधा डालने वालों पर सख्त कार्रवाई तय मानी जा रही है।

 जमीन रजिस्ट्री अब होगी हाईटेक और पारदर्शी

1 अप्रैल से जमीन रजिस्ट्री प्रक्रिया में बड़ा बदलाव लागू होगा।

 कृषि भूमि की रजिस्ट्री के लिए अब 13 अनिवार्य जानकारियां देना जरूरी होगा, नई ई-रजिस्ट्री प्रणाली से पारदर्शिता बढ़ेगी,जमीन विवादों में कमी आने की उम्मीद

हालांकि, नई व्यवस्था के कारण रजिस्ट्री प्रक्रिया थोड़ी महंगी भी हो सकती है।

 कचरा प्रबंधन में ‘फोर-बिन सिस्टम’ लागू

राज्य के सभी नगर निकायों में अब चार कूड़ेदान (फोर-बिन) प्रणाली लागू की जाएगी। गीला, सूखा, खतरनाक और अन्य कचरे का अलग-अलग निपटान, रोज 100 किलो से अधिक कचरा उत्पन्न करने वाली संस्थाओं पर सख्त नियम लागू,इससे शहरों की सफाई व्यवस्था में बड़ा सुधार आने की उम्मीद है।

 बिजली दरों में बदलाव, रात में महंगी बिजली

नई बिजली दरें भी 1 अप्रैल से लागू होंगी।

रात के “प्राइम टाइम” में बिजली महंगी
सुबह के समय बिजली सस्ती

इस बदलाव से उपभोक्ताओं को अपने उपयोग के समय में बदलाव करना पड़ सकता है।

सरकारी कर्मचारियों के लिए सोशल मीडिया पर सख्ती

नई नियमावली के तहत अब सरकारी कर्मचारियों पर सोशल मीडिया को लेकर कड़ा नियंत्रण रहेगा।

 बिना अनुमति सोशल मीडिया अकाउंट नहीं बना सकेंगे, सरकारी नीतियों पर व्यक्तिगत राय देना प्रतिबंधित,ऑफिस से वीडियो/रील बनाना पूरी तरह बैन रहेगा।