मा. मंत्री एवं जिलाधिकारी के कर कमलों से “पालनाघर” का उद्घाटन, कामकाजी महिलाओं के लिए वरदान साबित होगा ‘पालनाघर’ – डीएम, 100 दिव्यांगजनों को मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल का वितरण
मा. मंत्री एवं जिलाधिकारी के कर कमलों से “पालनाघर” का उद्घाटन, कामकाजी महिलाओं के लिए वरदान साबित होगा ‘पालनाघर’ – डीएम, 100 दिव्यांगजनों को मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल का वितरण
मा. मंत्री एवं जिलाधिकारी के कर कमलों से “पालनाघर” का उद्घाटन,
कामकाजी महिलाओं के लिए वरदान साबित होगा ‘पालनाघर’ – डीएम,
100 दिव्यांगजनों को मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल का वितरण
दस्तक 7मीडिया /दरभंगा
महिला एवं बाल विकास निगम, समाज कल्याण विभाग, बिहार सरकार एवं जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में आज समाहरणालय परिसर, दरभंगा में मुख्यमंत्री नारी शक्ति योजना के अंतर्गत “पालनाघर” (क्रेच सेंटर) का उद्घाटन माननीय समाज कल्याण मंत्री, बिहार सरकार मदन सहनी एवं जिलाधिकारी दरभंगा कौशल कुमार द्वारा नारियल फोड़कर एवं फीता काटकर किया गया।
इस अवसर पर माननीय मंत्री श्री मदन सहनी ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं एवं बच्चों के कल्याण तथा दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण हेतु निरंतर प्रयासरत है। “पालनाघर” कार्यरत महिलाओं के लिए एक सुरक्षित एवं सहायक वातावरण प्रदान करेगा, जिससे वे अपने बच्चों की देखभाल की चिंता से मुक्त होकर अपने कार्यों में संलग्न रह सकेंगी।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में जब महिलाएं विभिन्न क्षेत्रों में अग्रसर हैं, तब छोटे बच्चों की देखभाल एक बड़ी चुनौती बन जाती है। ऐसे में “पालनाघर” की स्थापना एक सराहनीय पहल है, जो महिलाओं को निश्चिंत होकर कार्य करने में सहायक सिद्ध होगी। यह योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ बच्चों के सर्वांगीण विकास को भी सुनिश्चित करती है।
कार्यक्रम के दौरान “पालनाघर” में नवचयनित सहायक क्रेच वर्कर श्रीमती बेबी कुमारी को माननीय मंत्री द्वारा नियुक्ति पत्र प्रदान किया गया तथा उपस्थित बच्चों को चॉकलेट एवं गुलाब फूल भेंट किए गए।
जिलाधिकारी कौशल कुमार ने “पालनाघर” की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह केंद्र महिलाओं के सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि यह राज्य का 78वां तथा दरभंगा में पुलिस लाइन के बाद दूसरा “पालनाघर” है। इसकी क्षमता 10 बच्चों की है, जिसमें वर्तमान में 7 बच्चों का नामांकन हो चुका है। समाहरणालय एवं आसपास के कार्यालयों में कार्यरत महिलाओं को यह सुविधा निःशुल्क उपलब्ध कराई गई है।
इसके उपरांत माननीय मंत्री एवं जिलाधिकारी द्वारा “मुख्यमंत्री दिव्यांगजन सशक्तिकरण योजना (संबल)” के अंतर्गत 100 दिव्यांगजनों के बीच मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल का वितरण किया गया।
माननीय मंत्री ने बताया कि पूरे बिहार में अब तक 30,000 से अधिक मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल वितरित की जा चुकी हैं। दिव्यांगता की पात्रता सीमा को 60 प्रतिशत से घटाकर 40 प्रतिशत किया गया है तथा 18 वर्ष से कम आयु के छात्र-छात्राओं को भी इसका लाभ देने पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि सभी प्रमंडलों में मूक-बधिर एवं नेत्रहीन बच्चों के लिए 500 क्षमता वाले विशेष विद्यालय स्थापित किए जाएंगे।
साथ ही, ‘मुख्यमंत्री सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना’ के अंतर्गत बीपीएससी एवं यूपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले दिव्यांग अभ्यर्थियों को क्रमशः 50 हजार एवं 1 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जा रही है।
जिलाधिकारी ने बताया कि जनवरी माह में जिले से लगभग 1300 आवेदन स्वीकृत किए गए थे, जिनमें से प्रथम चरण में 420 ट्राईसाइकिल का आवंटन प्राप्त हुआ है। आज 100 लाभुकों के बीच वितरण किया गया है, जबकि शेष साइकिलों का वितरण 10 अप्रैल से पूर्व पूर्ण कर लिया जाएगा।
कार्यक्रम में उप विकास आयुक्त श्री स्वप्निल, वरीय कोषागार पदाधिकारी शंभू कुमार आर्य, उप निदेशक जनसंपर्क सत्येंद्र प्रसाद, जिला प्रोग्राम पदाधिकारी (आईसीडीएस) चाँदनी सिंह, सहायक निदेशक दिव्यांगजन कोषांग आशीष अमन, सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा कोषांग शशि रंजन, जिला परियोजना प्रबंधक ब्रजेश कुमार, जिला मिशन समन्वयक ऋषि कुमार, केंद्र प्रशासक अजमतुन निशा सहित अन्य अधिकारी, लाभार्थी एवं आमजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।