सांस्कृतिक छटा और प्रतिभाओं के सम्मान के साथ बिरौल में ‘बिहार दिवस’ का भव्य समापन

दस्तक7मिडिया, बिरौल, दरभंगा।


अनुमंडल प्रशासन द्वारा आयोजित तीन दिवसीय ‘बिहार दिवस-2026’ समारोह का समापन उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय, बिरौल अकबरपुर के प्रांगण में अत्यंत उत्साह और गरिमा के साथ हुआ। लोक संस्कृति की गूंज और मेधावी छात्र-छात्राओं के सम्मान से सजी इस शाम ने पूरे अनुमंडल को बिहार के गौरवमयी इतिहास और उज्जवल भविष्य के अहसास से सराबोर कर दिया।
समारोह के मुख्य अतिथि अनुमंडल पदाधिकारी शशांक राज एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी प्रभाकर तिवारी ने शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले शिक्षकों और मेधावी छात्र-छात्राओं को मोमेंटो प्रदान कर सम्मानित किया।
बिरौल प्रखंड के प्रधानाध्यापक नरेश दास, शिक्षक नटवर कुमार चौधरी एवं शिक्षिका सविता कुमारी।
किरतपुर के प्रधानाध्यापक बालेंदु कुमार, शिक्षक रंजन झा एवं शिक्षिका पूनम यादव।
कुशेश्वरस्थान के प्रधानाध्यापक असित कुमार राम, शिक्षक नीरज कुमार एवं शिक्षिका काजल कुमारी।
कुशेश्वरस्थान पूर्वी के प्रधानाध्यापक संजय कुमार, शिक्षक सुरेंद्र शर्मा एवं शिक्षिका पिंकी कुमारी।
गौराबौराम के प्रधानाध्यापक रामनरेश सिंह, शिक्षक संतोष कुमार एवं शिक्षिका प्रगति कुमारी।
इसके साथ ही,रवींद्र कुमार सिंह (सेवानिवृत्त शारीरिक शिक्षक) को ‘अनुमंडल खेल रत्न’ और केशव कुमार चौधरी को ‘अनुमंडल शिक्षा रत्न’ से नवाजा गया।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण स्थानीय कलाकार राजीव रंजन का गीत “हम बिहारी हैं जी” रहा, जिसने दर्शकों में जोश भर दिया। संगीत शिक्षक नीरज झा (हारमोनियम) और कार्तिक कुमार झा (तबला) की जुगलबंदी ने शास्त्रीय स्पर्श दिया, वहीं डॉ.राकेश रोशन, पंकज कुमार झा, शिवानी झा और संगीता कुमारी की काव्य व गायन प्रस्तुतियों ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। झिझिया और जट-जटिन जैसे पारंपरिक नृत्यों ने मिथिला की समृद्ध लोक संस्कृति को जीवंत कर दिया।
समारोह को संबोधित करते हुए एसडीओ शशांक राज ने कहा कि ऐसे आयोजन केवल उत्सव नहीं हैं, बल्कि ये विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और उनकी प्रतिभा को मंच देने का सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए संयोजक केशव कुमार चौधरी और सभी बीईओ के प्रति आभार जताया।
वहीं, एसडीपीओ प्रभाकर तिवारी ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि अनुशासन और कठिन परिश्रम ही सफलता की कुंजी है। उन्होंने विद्यार्थियों को चरित्र निर्माण और निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।