रिश्ते भले ही पद के साथ बदल जाएं, लेकिन यादें हमेशा दिलों में जीवित रहती हैं,ऐसा हीं क्षण बेनीपुर व्यवहार न्यायालय में दिखा।न्याय के पथ के तीन न्यायिक सितारों को भावभीनी विदाई, बेनीपुर की यादों में भीगा रहा समारोह

दस्तक 7मीडिया /संजय कुमार राय 

अधिवक्ता संघ भवन, बेनीपुर में मंगलवार का दिन भावनाओं से सराबोर रहा, जब अखिल भारतीय अधिवक्ता कल्याण समिति युवा प्रकोष्ठ, बेनीपुर के तत्वावधान में तीन स्थानांतरित न्यायिक पदाधिकारियों के सम्मान में विदाई सह सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। जैसे-जैसे कार्यक्रम आगे बढ़ा, माहौल में सम्मान, आत्मीयता और बिछड़ने की कसक साफ महसूस की जा रही थी।

कार्यक्रम की अध्यक्षता अधिवक्ता कृष्ण कुमार झा ने की, जबकि संचालन राष्ट्रीय महामंत्री अधिवक्ता सुशील कुमार चौधरी ने बेहद गरिमामय ढंग से किया। समारोह में उपस्थित हर चेहरे पर एक ओर गर्व था, तो दूसरी ओर अपनों के बिछड़ने का हल्का सा दर्द भी झलक रहा था।

स्थानांतरित अपर सत्र न्यायाधीश माधवेंद्र सिंह ने जब अपने अनुभव साझा किए, तो उनकी आवाज़ में भावुकता साफ झलक रही थी। उन्होंने कहा कि बेनीपुर में बिताया गया समय उनके जीवन का एक अमिट अध्याय बन गया है। यहां के अधिवक्ताओं और आम लोगों से मिला सहयोग उनके दिल में हमेशा जीवित रहेगा। उन्होंने स्वीकार किया कि न्यायिक दायित्वों को ईमानदारी से निभाने में बार का सहयोग उनकी सबसे बड़ी ताकत रहा।

अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी संगीता रानी ने भी अपने कार्यकाल को संतोषजनक बताते हुए कहा कि उन्होंने सिविल वादों के निष्पादन पर विशेष जोर दिया, क्योंकि उनके अनुसार एक सिविल वाद कई आपराधिक मामलों को जन्म दे सकता है। उन्होंने अधिवक्ताओं के सहयोग की सराहना करते हुए उम्मीद जताई कि यह समन्वय आगे भी बना रहेगा।असरदार बात यह रहा कि अधिवक्ताओं ने मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी संगीता रानी को मिथिला परंपरा के अनुसार खोइछ देकर विदाई समारोह से  उन्हें विदा किया जिस दौरान सभी की आँखें नम हो गई ,जैसे किसी बहन -बेटी का विदाई हो।

वहीं, अनुमंडल न्यायिक दंडाधिकारी अनुराग तिवारी ने बेनीपुर के बार और बेंच की खुले दिल से प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि यहां आने से पहले जो धारणाएं बनी थीं, वे पूरी तरह गलत साबित हुईं। यहां उन्हें हर कदम पर सहयोग, सम्मान और अपनापन मिला, जो हमेशा उनके साथ रहेगा।

कार्यक्रम में मौजूद वर्तमान अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ऋषि गुप्ता ने भी स्थानांतरित पदाधिकारियों की कार्यशैली और उनके समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि ऐसा सहयोगी वातावरण हर किसी को नहीं मिलता। उन्होंने बेनीपुर के बार और बेंच के उत्कृष्ट समन्वय को न्यायिक कार्यों की सफलता का आधार बताया।

मुंशीफ सह न्यायिक दंडाधिकारी रोहित गुप्ता ने अपने वरिष्ठों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए कहा कि उनके सानिध्य में बहुत कुछ सीखने को मिला। उन्होंने भावुक होकर कहा कि बिछड़न की पीड़ा तो होती है, लेकिन उनसे मिली सीख जीवन भर मार्गदर्शन करती रहेगी।

अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष रामचंद्र यादव ने सभी स्थानांतरित पदाधिकारियों के स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना करते हुए उन्हें कर्तव्य पथ पर निरंतर आगे बढ़ने की शुभकामनाएं दीं। वहीं, आयोजनकर्ता सुशील कुमार चौधरी ने सभी पदाधिकारियों को ईमानदार, कर्तव्यनिष्ठ और जनसमस्याओं के प्रति संवेदनशील बताते हुए कहा कि उनका कार्यकाल आने वाले पदाधिकारियों के लिए एक आदर्श बनेगा।

कार्यक्रम के अंत में भावनाएं उस समय और गहरी हो गईं, जब अधिवक्ताओं द्वारा सभी पदाधिकारियों को अंगवस्त्र, पाग और चादर भेंट कर सम्मानित किया गया। इस दौरान पूरा सभागार तालियों और भावनात्मक क्षणों से गूंज उठा।

इस मौके पर अधिवक्ता भोला ठाकुर, गोविंद झा, वीरेंद्र यादव, विनोद मिश्र, रविंदर चौधरी, नवाज अहमद खान उर्फ राजू खान, सुमन साहू, हरे कृष्ण देव, प्रवीण सिंह, उमेश झा सहित दर्जनों अधिवक्ता और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

समारोह के अंत में एक ही भावना हर दिल में थी ,बिछड़ने की।