शिवहर के डीडीसी बृजेश कुमार पर SVU की बड़ी कार्रवाई, आय से अधिक 1.84 करोड़ की संपत्ति का मामला दर्ज

दस्तक 7मीडिया ,पटना/शिवहर

भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए विशेष निगरानी इकाई (SVU) ने शिवहर के उप विकास आयुक्त-सह-मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी बृजेश कुमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया है। SVU थाना कांड संख्या-11/2026 के तहत भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है।

SVU के अपर पुलिस महानिदेशक पंकज कुमार दाराद ने जानकारी दी कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बृजेश कुमार ने सरकारी सेवा के दौरान अपने ज्ञात आय स्रोतों से कहीं अधिक, लगभग 1.84 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति अर्जित की है।

एक साथ कई ठिकानों पर छापेमारी

प्राथमिकी दर्ज होने के बाद न्यायालय से तलाशी वारंट प्राप्त कर SVU की टीम ने 24 मार्च 2026 को एक साथ कई स्थानों पर छापेमारी की, जिनमें शामिल हैं –
शिवहर समाहरणालय स्थित सरकारी कार्यालय
सरकारी आवास (किसान मैदान के पास)
पैतृक गांव (पश्चिमी चंपारण)
ससुराल पक्ष का आवास (सीतामढ़ी)

छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में संपत्ति के दस्तावेज और निवेश से जुड़े साक्ष्य बरामद हुए हैं, जो दर्ज प्राथमिकी से भी कई गुना अधिक बताए जा रहे हैं।

 पत्नी के नाम पर करोड़ों की संपत्ति

जांच में यह भी सामने आया कि बृजेश कुमार की पत्नी गीतांजली कुमारी (गृहिणी) के नाम पर पटना के दानापुर इलाके में लगभग 2.26 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति खरीदी गई है।

इनमें प्रमुख रूप से सगुना मोड़ स्थित ओम गंगा कॉम्प्लेक्स में 2 दुकान प्रगति टॉवर में 1 व्यवसायिक दुकान हें पूछताछ में बृजेश कुमार ने इन संपत्तियों को अपना ही बताया है।

 बैंक निवेश और जमीन उपहार की भी जांच

SVU को छापेमारी के दौरान
विभिन्न बैंकों में 21.31 लाख रुपये का निवेश
2022 में 31.73 लाख रुपये मूल्य की जमीन उपहार (रिश्तेदार से)की जानकारी मिली है। इन सभी मामलों की विस्तृत जांच जारी है।

एसेट डिक्लेरेशन में नहीं दी जानकारी

सबसे गंभीर बात यह है कि बृजेश कुमार ने बिहार सरकार को दिए जाने वाले वार्षिक संपत्ति विवरण (Declaration of Assets and Liabilities) में न तो अपनी और न ही पत्नी के नाम की किसी संपत्ति का उल्लेख किया था, जबकि अब तक कम से कम 5 संपत्तियों के दस्तावेज सामने आ चुके हैं।SVU अब इस मामले में बेनामी संपत्ति ,रिश्तेदारों के नाम पर निवेश अन्य छिपी हुई चल-अचल संपत्तियों की गहन जांच कर रही है। आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे होने की संभावना है।