जनगणना 2027 हेतु फील्ड ट्रेनरों को किया गया प्रशिक्षित
जनगणना 2027 हेतु फील्ड ट्रेनरों को किया गया प्रशिक्षित
जनगणना 2027 हेतु फील्ड ट्रेनरों को किया गया प्रशिक्षित
दस्तक 7मीडिया /दरभंगा
समाहरणालय परिसर स्थित बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर सभागार में आज जिला जनगणना अधिकारी सह अपर समाहर्ता (राजस्व) मनोज कुमार की अध्यक्षता में भारत की जनगणना 2027 के प्रथम चरण -मकान सूचीकरण एवं मकान गणना-को लेकर फील्ड ट्रेनरों के लिए तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।
कार्यक्रम का उद्घाटन दीप प्रज्ज्वलन कर विधिवत किया गया।
अपर समाहर्ता (राजस्व) मनोज कुमार ने कहा कि भारत की जनगणना 2027 स्वतंत्र भारत की 8वीं जनगणना है, जो परंपरागत रूप से प्रत्येक 10 वर्षों के अंतराल पर आयोजित होती रही है। किंतु कोविड-19 वैश्विक महामारी के कारण इस बार जनगणना 15 वर्षों के अंतराल पर आयोजित की जा रही है।
उन्होंने जानकारी दी कि जनगणना 2027 दो चरणों में संपन्न होगी।
प्रथम चरण के अंतर्गत मकान सूचीकरण एवं मकान गणना का कार्य 2 मई 2026 से 31 मई 2026 तक किया जाएगा।
वहीं द्वितीय चरण में व्यक्तियों की वास्तविक गणना का कार्य 2 फरवरी 2027 से 28 फरवरी 2027 तक संचालित होगा।
उन्होंने बताया कि जनगणना 2027 में पहली बार स्व-गणना (Self Enumeration) की व्यवस्था लागू की जा रही है। प्रगणकों को स्व-गणना के माध्यम से भरे गए डेटा को सबमिट करने से पूर्व उसकी जांच करनी होगी। यह जनगणना पहली बार पूर्णतः डिजिटल माध्यम से की जा रही है।
जनसंख्या की गणना में प्रत्येक व्यक्ति का व्यक्तिगत विवरण एक निश्चित संदर्भ तिथि एवं समय के अनुसार दर्ज किया जाएगा।
प्रशिक्षण के दौरान यह भी बताया गया कि जनगणना कार्य को सटीकता, तटस्थता, शुचिता एवं राष्ट्र सेवा की भावना के साथ संपादित किया जाना चाहिए।
मनोज कुमार ने जनगणना कार्य को अत्यंत संवेदनशील बताते हुए सभी फील्ड ट्रेनरों को इसे पूरी जिम्मेदारी, ईमानदारी एवं तन्मयता के साथ संपन्न करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी नागरिक की व्यक्तिगत जानकारी को अनावश्यक रूप से दर्ज नहीं किया जाएगा तथा गोपनीयता का पूर्ण ध्यान रखा जाएगा। साथ ही यह भी कहा कि यदि जनगणना के दौरान किसी प्रकार की त्रुटिपूर्ण अथवा गलत प्रविष्टि पाई जाती है, तो संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने सभी फील्ड ट्रेनरों को निर्देशित किया कि वे तीन दिवसीय प्रशिक्षण को गंभीरता से ग्रहण करें तथा प्रशिक्षण उपरांत प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों को भी उसी दक्षता के साथ प्रशिक्षित करें, ताकि जनगणना कार्य शत-प्रतिशत त्रुटिरहित एवं समयबद्ध तरीके से संपन्न हो सके।
प्रशिक्षण सत्र का संचालन स्टेट जनगणना निदेशालय, बिहार, पटना से आए सुमन सिंह एवं स्टेट मास्टर ट्रेनर प्रकाश मिश्रा द्वारा किया गया। उन्होंने प्रतिभागियों को जनगणना से संबंधित विभिन्न तकनीकी एवं व्यावहारिक पहलुओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की।