भटानी विद्यालय में वर्चस्व की जंग: जातीय आरोप-प्रत्यारोप से शिक्षा व्यवस्था पर संकट ,ग्रामीणों की मांग :पुर्व प्रधान शिक्षक के कार्यकाल में हुई हें मध्यान्ह भोजन में घपला ?विद्यालय को राजनीति का अखाड़ा नहीं बनाए :प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी 

दस्तक 7मीडिया /बहादुरपुर 

बहादुरपुर प्रखंड के राजकीय प्राथमिक विद्यालय, भटानी इन दिनों पूर्व और वर्तमान प्रधान शिक्षिकाओं के बीच चल रहे विवाद को लेकर चर्चा का केंद्र बना हुआ है। मामला अब केवल आपसी मतभेद तक सीमित नहीं रह गया, बल्कि जातीय आरोप-प्रत्यारोप तक पहुंच चुका है, जिससे विद्यालय का शैक्षणिक माहौल प्रभावित होने लगा है।

ग्रामीण कहते हें कि पूर्व प्रधान शिक्षिका के कार्यकाल में मध्यान्ह भोजन में घपला हुआ हें ,बच्चे को खाना तक नहीं दिया जाता था ,वहीं नई प्रधान शिक्षिका इस मामले को लेकर जांच पड़ताल कर रही हें इस कारण पुर्व प्रधान शिक्षिका  और वर्तमान प्रधान शिक्षिका में मनमुटाव काफी बढ़ गया हें।हालांकि पुर्व प्रधान शिक्षिका कहती हें कि सुचारू रूप से मध्यान्ह भोजन बच्चों के बीच चला हें कहीं से कोई अनियमितता नहीं हुई हें ?अब यह जांच के बाद हीं स्पष्ट हो पाएगा कि मध्यान्ह भोजन में घपला हें अथवा नहीं ?

दरअसल कुर्सी की लड़ाई अब पुर्व प्रधान शिक्षिका के दिमाग में हें और वर्तमान प्रभारी की कुर्सी को वह बर्दाश्त नहीं कर पा रही हें ,नतीजा यह निकला हें कि पूर्व प्रभारी प्रधान शिक्षिका सुनीता देवी ने वर्तमान प्रधान शिक्षिका रंजिता कुमारी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उनके साथ जाति सूचक शब्दों का प्रयोग किया जाता है और उनके बैठने की कुर्सी को गंगाजल से धोया जाता है। इस संबंध में उन्होंने विभागीय अधिकारियों से शिकायत भी की हें।

वहीं, वर्तमान प्रधान शिक्षिका रंजिता कुमारी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे साजिश बताया है। उनका कहना है कि हाल ही में विद्यालय शिक्षा समिति की सचिव सोनी देवी को बहला-फुसलाकर विद्यालय खाते से जुड़ा मोबाइल और सादे कागज पर हस्ताक्षर ले लिया गया , जिसका उद्देश्य मध्यान्ह भोजन (MDM) की राशि की निकासी करना था। मामले की जानकारी मिलने पर उन्होंने तत्काल वरीय अधिकारियों को अवगत कराया। इस संबंध में सचिव द्वारा वरीय पुलिस अधीक्षक दरभंगा और विभागीय पदाधिकारियों को लिखित आवेदन भी दिया गया है।

घटना के बाद प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी रंजना कुमारी ने सोमवार को विद्यालय पहुंचकर दोनों पक्षों की बात सुनी और स्पष्ट निर्देश दिया कि विद्यालय को राजनीति या व्यक्तिगत वर्चस्व का अखाड़ा नहीं बनने दिया जाएगा।

स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि रंजिता कुमारी के पदभार संभालने के बाद विद्यालय में अनुशासन और व्यवस्था में सुधार हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार, विद्यालय का संचालन समयबद्ध और मानकों के अनुरूप हो रहा है तथा उनका व्यवहार छात्रों और अभिभावकों के प्रति सकारात्मक है।ग्रामीण यह भी कहते हें कि पूर्व प्रधान शिक्षिका के कार्यकाल के मध्यान्ह भोजन मद की जांच हो जाय तो लाखों रुपये की हेराफेरी का मामला भी सामने आ सकता हें।

फिलहाल, यह मामला जांच के दायरे में है। यदि समय रहते ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो इसका सीधा असर बच्चों की पढ़ाई और विद्यालय के माहौल पर पड़ सकता है। अब सबकी नजर विभागीय कार्रवाई पर टिकी हुई है।