सैकड़ों एकड़ में लगे फसल पर प्राकृतिक कहर, तेज हवा और बारिश से किसानों की बढ़ी चिंता, मुआवजे की मांग

दस्तक7मिडिया, बिरौल/गौड़ा बौराम, दरभंगा

अनुमंडल क्षेत्र में बीते रात अचानक तेज हवा और बारिश ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। इसके कारण क्षेत्र के अधिकांश खेतों में खड़ी फसल बुरी तरह प्रभावित हुई है। खासकर मकई और गेहूं की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। तेज हवा के चलते मकई और गेहूं के पौधे जमीन पर गिर गए हैं, जिससे फसल के पूरी तरह नष्ट होने की आशंका बढ़ गई है। बारिश के कारण खेतों में पानी भर जाने से फसल के सड़ने का खतरा भी उत्पन्न हो गया है। इस स्थिति ने किसानों की चिंता और बढ़ा दी है। स्थानीय किसानों का कहना है कि वे पहले से ही महंगाई, खासकर घरेलू गैस की बढ़ती कीमतों से परेशान हैं। अब फसल के नुकसान की आशंका ने उनकी आर्थिक स्थिति को और कमजोर कर दिया है। जिन किसानों की आजीविका पूरी तरह खेती पर निर्भर है, उनके सामने रोजमर्रा के खर्च चलाना भी मुश्किल हो सकता है। किसानों ने प्रखंड प्रशासन से फसल क्षति का आकलन कर उचित मुआवजा देने की मांग की है, ताकि उन्हें कुछ राहत मिल सके। वहीं, कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी स्थिति में किसानों को फसल की स्थिति का आकलन कर जल्द से जल्द आवश्यक कदम उठाने चाहिए, जिससे नुकसान को कुछ हद तक कम किया जा सके। अनुमंडल कृषि पदाधिकारी
अवधेश कुमार चौधरी ने बताया कि यह प्राकृतिक आपदा था, इससे हुए फसल क्षति का आंकलन कर सभी प्रखंड कृषि पदाधिकारी से प्रतिवेदन देने को कहा गया है।