आयुष ग्राम कार्यक्रम में 700 से अधिक मरीजों का हुआ उपचार, जागरूकता अभियान भी चला

दस्तक 7मीडिया /दरभंगा 

जिला आयुष समिति, दरभंगा द्वारा राष्ट्रीय आयुष मिशन के अंतर्गत मनीगाछी प्रखंड स्थित डॉ. नागेंद्र झा महाविद्यालय, बाघात में आयुष ग्राम कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का उद्घाटन जिला देशी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. हरेंद्र कुमार लाल दास, स्थानीय मुखिया शिव प्रसाद पासवान, सरपंच सीताराम राम, महाविद्यालय के प्राचार्य गौरी शंकर झा, ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के पूर्व ओएस उमेश चंद्र झा एवं अन्य गणमान्य अतिथियों द्वारा महात्मा हैनिमैन एवं भगवान धन्वंतरि के तैल चित्र पर पुष्प अर्पित एवं दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया।

राज्य आयुष समिति, पटना के निर्देश पर आयोजित इस कार्यक्रम में आयुर्वेद, होम्योपैथी एवं यूनानी पद्धति के तहत ओपीडी शिविर लगाए गए, जिसमें 700 से अधिक मरीजों की जांच कर उन्हें निःशुल्क आयुष औषधियां वितरित की गईं।

कार्यक्रम के दौरान हजारों ग्रामीणों, महिलाओं, किसानों एवं छात्र-छात्राओं को आयुष चिकित्सा पद्धति के प्रति जागरूक किया गया। साथ ही योग प्रशिक्षण, पोषण आहार पर मार्गदर्शन, आयुष प्रदर्शनी, औषधीय पौधों का वितरण, किचन गार्डन हेतु बीज एवं पौधे उपलब्ध कराए गए। महाविद्यालय परिसर में हर्बल गार्डन के लिए पौधारोपण भी किया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत नोडल पदाधिकारी डॉ. रमेश पासवान के स्वागत भाषण से हुई। इस अवसर पर रंगोली, चित्रकला एवं क्विज प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को प्रमाण पत्र एवं पुरस्कार प्रदान किए गए, वहीं शिविर में योगदान देने वाले आयुष चिकित्सकों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

इस आयोजन में डॉ. डी.के. निराला, पवन कुमार झा, डॉ. गिरिजा शंकर झा, डॉ. रेहान, डॉ. प्रदीप पासवान, डॉ. राहुल रंजन, डॉ. रणधीर कुमार ईश्वर, डॉ. बसंत कुमार, डॉ. भूपेंद्र प्रसाद यादव, डॉ. डॉली कुमारी, डॉ. समा परवीन, डॉ. रागिनी कुमारी, डॉ. पल्लवी राज, डॉ. नकीबुल, डॉ. रहमान अली सहित अन्य चिकित्सकों एवं कर्मियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

समाजसेवी संगठन ‘सीता मुरली नव सृष्टि फाउंडेशन’ द्वारा डेंगू, कालाजार एवं मलेरिया की रोकथाम हेतु जागरूकता प्रदर्शनी एवं कीटनाशक छिड़काव की जानकारी दी गई।

कार्यक्रम की सफलता में आंगनवाड़ी, आशा कार्यकर्ता, जीविका समूह, विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं स्थानीय नागरिकों का सराहनीय सहयोग रहा।
आयोजन से संतुष्ट ग्रामीणों ने भविष्य में ऐसे कार्यक्रमों के नियमित आयोजन की मांग की।

कार्यक्रम के सफल संचालन में मिथिला प्राकृतिक चिकित्सा योग शोध संस्थान के सदस्यों का योगदान भी सराहनीय रहा।