तात्कालीन महिला थानाध्यक्ष मनीषा कुमारी का बहादुरपुर थाना में नई तैनाती,अनुसंधान के बारीकियों को सीखने का मिला मौका।
तात्कालीन महिला थानाध्यक्ष मनीषा कुमारी का बहादुरपुर थाना में नई तैनाती,अनुसंधान के बारीकियों को सीखने का मिला मौका।
तात्कालीन महिला थानाध्यक्ष मनीषा कुमारी का बहादुरपुर थाना में नई तैनाती,अनुसंधान के बारीकियों को सीखने का मिला मौका।
दस्तक 7मीडिया /संजय कुमार राय
दरभंगा में तत्कालीन महिला थानाध्यक्ष पर विभागीय कार्रवाई के बाद वरीय पुलिस अधीक्षक जगुनाथ रेडडी जला रेडडी ने पु.अनि. मनीषा कुमारी को पुलिस केंद्र से हटाकर बहादुरपुर थाना की अनुसंधान इकाई में पदस्थापित कर दिया है। इस संबंध में जानकारी एसएसपी कार्यालय द्वारा जारी की गई है।
पुलिस महकमे के सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई पॉक्सो एक्ट जैसे संवेदनशील मामलों में लापरवाही के आरोपों के बाद की गई। डीआईजी स्तर पर समीक्षा के दौरान मामले को गंभीरता से लेते हुए मनीषा कुमारी से स्पष्टीकरण मांगा गया था, लेकिन उनके जवाब से एसएसपी संतुष्ट नहीं हुए। इसके बाद उन्हें थानाध्यक्ष पद से विमुक्त करते हुए विभागीय कार्रवाई की गई।
विभाग के कुछ अधिकारियों का मानना है कि एसएसपी का यह कदम स्वागत योग्य है। उनका कहना है कि संबंधित अधिकारी का प्रशिक्षण मानकों के अनुरूप नहीं था, जिससे कार्यशैली में खामियां सामने आईं।
दरअसल, विधानसभा चुनाव से पहले कई पुलिस पदाधिकारियों का एक जिले से दूसरे जिले में स्थानांतरण हुआ था। नए जिले में योगदान देने वाले अधिकारियों की कार्यशैली को लेकर संबंधित एसएसपी / एसपी /एएसपी आपस में संवाद कर रहे थे, लेकिन हर जिले की कार्यप्रणाली और अधिकारियों की कार्यशैली अलग-अलग होने के कारण कई जगहों पर समुचित आकलन नहीं हो सका।
सूत्रों की मानें तो मनीषा कुमारी की महिला थानाध्यक्ष के रूप में पोस्टिंग भी सिफारिश के आधार पर हुई थी। हालांकि, पुलिसिंग के व्यावहारिक अनुभव की कमी के कारण वे संवेदनशील मामलों के निष्पादन में अपेक्षित दक्षता नहीं दिखा सकीं, जिसका परिणाम अंततः उनके पद से हटाए जाने के रूप में सामने आया।अब बहादुरपुर थाना में अनुसंधान के बेहतर गुण से अवगत होकर धाराओं की जानकारी प्राप्त करेंगी।