दस्तक 7 मीडिया की खबर का बड़ा असर: पॉक्सो मामले में लापरवाही पर महिला थानाध्यक्ष पर विभागीय कार्रवाई शुरू” ,39 दिन की लगातार खबरों का असर: पॉक्सो केस में ढिलाई पर महिला थाना प्रभारी को किया गया था लाईन हाजिर ।डीआईजी द्वारा पूछे गये स्पष्टीकरण पर वरीय पुलिस अधीक्षक ने की कारवाई।
दस्तक 7 मीडिया की खबर का बड़ा असर: पॉक्सो मामले में लापरवाही पर महिला थानाध्यक्ष पर विभागीय कार्रवाई शुरू” ,39 दिन की लगातार खबरों का असर: पॉक्सो केस में ढिलाई पर महिला थाना प्रभारी को किया गया था लाईन हाजिर ।डीआईजी द्वारा पूछे गये स्पष्टीकरण पर वरीय पुलिस अधीक्षक ने की कारवाई।
दस्तक 7 मीडिया की खबर का बड़ा असर: पॉक्सो मामले में लापरवाही पर महिला थानाध्यक्ष पर विभागीय कार्रवाई शुरू” ,39 दिन की लगातार खबरों का असर: पॉक्सो केस में ढिलाई पर महिला थाना प्रभारी को किया गया था लाईन हाजिर ।डीआईजी द्वारा पूछे गये स्पष्टीकरण पर वरीय पुलिस अधीक्षक ने की कारवाई।
दस्तक 7मीडिया /संजय कुमार राय
दरभंगा के महिला थाना में दर्ज चर्चित पॉक्सो के मामले की जांच में लापरवाही को लेकर महिला थाना प्रभारी पर बड़ी कार्रवाई की गई है। महिला थाना कांड संख्या-182/25 (दिनांक 19 दिसंबर 2025) से जुड़े मामले में वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) ने सख्त रुख अपनाते हुए थानाध्यक्ष पु०अ०नि० मनीषा कुमारी के खिलाफ विभागीय कार्यवाही प्रारंभ करने का आदेश दिया और विभागीय कारवाई अब शुरू हो गई हे।एसएसपी जगुनाथ रेडडी जला रेडडी ने स्पष्ट रूप से कहा कि पॉक्सो मामले में महिला थानाध्यक्ष मनीषा कुमारी द्वारा अनुसंधान में लापरवाही बरती गई थी।
यह मामला बीएनएस की गंभीर धाराओं और पॉक्सो एक्ट के तहत महिला थाना में दर्ज हुआ था। इस कांड से संबंधित आवेदनों और बिहार पुलिस मुख्यालय के निर्देश के बाद पुलिस उप-महानिरीक्षक (डीआईजी), मिथिला क्षेत्र द्वारा 21 जनवरी 2026 को विस्तृत समीक्षा की गई थी। समीक्षा में कई गंभीर खामियां सामने आईं।
सबसे बड़ी लापरवाही यह पाई गई कि इतने गंभीर प्रकृति के मामले में थानाध्यक्ष ने खुद अनुसंधान का जिम्मा नहीं लिया और इसे एक पुरुष पुलिस पदाधिकारी को सौंप दिया। साथ ही पीड़िता की मां के आवेदन के आधार पर दर्ज प्राथमिकी में बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 की धारा 9/10 को शामिल नहीं किया गया, जो कि कानूनन आवश्यक था।
डीआईजी के निर्देश पर एसएसपी कार्यालय ने 28 जनवरी 2026 को थानाध्यक्ष से एक सप्ताह के भीतर स्पष्टीकरण मांगा था। इसके जवाब में 6 फरवरी 2026 को मनीषा कुमारी द्वारा स्पष्टीकरण प्रस्तुत किया गया, लेकिन एसएसपी ने इसे असंतोषजनक करार दिया।
इसके बाद एसएसपी जगुनाथ रेडडी जला रेडडी ने स्पष्ट आदेश जारी करते हुए संबंधित अधिकारी को निर्देश दिया कि मनीषा कुमारी के खिलाफ 24 घंटे के भीतर आरोप पत्र गठित कर विभागीय कार्रवाई शुरू की जाए और रिपोर्ट प्रस्तुत की जाय ,एसएसपी जगुनाथ रेडडी जलारेडडी के इस आदेश के बाद महिला थानाध्यक्ष पर विभागीय कारवाई शुरू हो गई हे।
दस्तक 7मीडिया ने पॉक्सो एक्ट के तहत महिला थाने में दर्ज इस मामले में लगातार 39दिनों तक लगातार खबर प्रकाशित किया और तात्कालीन थानाध्यक्ष मनीषा कुमारी द्वारा बरती गई लापरवाही को उजागर करता रहा , डीआईजी मनोज तिवारी ने योगदान के कुछ हीं दिन बाद इस मामले की समीक्षा की और वरीय पुलिस अधीक्षक के माध्यम से महिला थानाध्यक्ष से स्पष्टीकरण पूछा ,तात्कालीन महिला थानाध्यक्ष के स्पष्टीकरण से वरीय पुलिस अधीक्षक असंतुष्ट हुये और थानाध्यक्ष मनीषा को थाना से हटाते हुये विभागीय कारवाई का निर्देश दिया ।
यहां बता दे कि इस पॉक्सो के मामले में अपर थानाध्यक्ष के द्वारा भी लापरवाही बरती गई हे ,क्यूंकि नाबालिग़ लड़की 3दिसंबर 25को हीं थाने में आवेदन दी थी ,लेकिन अपर थानाध्यक्ष ने नाबालिग के आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज नहीं की, जिस कारण 16दिनों बाद यह मामला 19दिसंबर 25को महिला थाने में दर्ज किया गया ,क्यूंकि महिला थानाध्यक्ष छुट्टी पर थी और प्रभार में अपर थानाध्यक्ष थी।पॉक्सो एक्ट के तहत आये मामलों में अपर थानाध्यक्ष को उसी दिन पीड़िता से आवेदन लेकर प्राथमिकी दर्ज कर देना चाहिये था ,लेकिन ऐसा उनके द्वारा नहीं किया गया।