जनगणना 2027 को लेकर तीन दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ, निदेशक, जनगणना कार्य सह मुख्य प्रधान जनगणना अधिकारी ने प्रशिक्षण सत्र का लिया जायजा
जनगणना 2027 को लेकर तीन दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ, निदेशक, जनगणना कार्य सह मुख्य प्रधान जनगणना अधिकारी ने प्रशिक्षण सत्र का लिया जायजा
जनगणना 2027 को लेकर तीन दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ,
निदेशक, जनगणना कार्य सह मुख्य प्रधान जनगणना अधिकारी ने प्रशिक्षण सत्र का लिया जायजा
दस्तक 7मीडिया /दरभंगा
समाहरणालय स्थित बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर सभागार में जनगणना 2027 के प्रथम चरण (मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना) से संबंधित जिला/चार्ज स्तर के अधिकारियों एवं शासकीय कर्मियों के लिए तीन दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ जिलाधिकारी कौशल कुमार की अध्यक्षता में किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।
जिलाधिकारी ने अपने संबोधन में कहा कि जनगणना 2027 स्वतंत्र भारत की 8वीं जनगणना है। यह प्रत्येक 10 वर्षों पर आयोजित की जाती रही है, किंतु कोविड-19 के कारण इस बार 15 वर्षों के अंतराल पर आयोजित हो रही है।
उन्होंने बताया कि जनगणना दो चरणों में संपन्न होगी—
• प्रथम चरण: 02 मई 2026 से 31 मई 2026 तक (मकान सूचीकरण)
• द्वितीय चरण: 02 फरवरी 2027 से 28 फरवरी 2027 तक (जनसंख्या की वास्तविक गणना)
जिलाधिकारी ने बताया कि जिले में कुल 29 चार्ज का गठन किया गया है, जिसमें 18 ग्रामीण एवं 11 नगरीय चार्ज शामिल हैं। प्रशिक्षण कार्यक्रम 17 मार्च से 19 मार्च 2026 तक दो स्थलों—बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर सभागार एवं जिला परिषद सभागार—में दो बैचों में आयोजित किया जा रहा है, जिसमें चार्ज अधिकारी, अपर चार्ज अधिकारी एवं संबंधित कर्मी भाग ले रहे हैं।
उन्होंने विशेष रूप से कहा कि जनगणना 2027 पूरी तरह डिजिटल माध्यम से संपन्न की जाएगी। इसमें मोबाइल एप्लीकेशन एवं CMMS पोर्टल का उपयोग किया जाएगा। पहली बार आम नागरिकों के लिए स्व-गणना (Self Enumeration) की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है, जिसके तहत नागरिक 17 अप्रैल 2026 से 01 मई 2026 तक मोबाइल एप के माध्यम से स्वयं अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे।
जिलाधिकारी सह प्रधान जनगणना अधिकारी ने जनगणना के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि इससे प्राप्त आंकड़े विभिन्न सरकारी योजनाओं के निर्माण एवं क्रियान्वयन का आधार होते हैं। उन्होंने सभी पदाधिकारियों एवं कर्मियों को निर्देश दिया कि वे निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण संवेदनशीलता, पारदर्शिता एवं शुद्धता के साथ कार्य करें तथा प्रशिक्षण को गंभीरता से लें।
प्रशिक्षण सत्र का संचालन जिला नोडल मास्टर ट्रेनर श्री रोहित कुमार एवं मास्टर ट्रेनर श्री अभिषेक राज द्वारा किया जा रहा है।
इस अवसर पर एम. रामचंद्रुडु (भा.प्र.से.), निदेशक, जनगणना कार्य सह मुख्य प्रधान जनगणना अधिकारी ने प्रशिक्षण सत्र का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि जिला स्तर का प्रशिक्षण अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि प्रशिक्षण गुणवत्तापूर्ण होगा, तो फील्ड स्तर पर कार्य भी बेहतर होगा।
उन्होंने प्रशिक्षण की गुणवत्ता पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि पावर पॉइंट प्रस्तुतीकरण के माध्यम से प्रशिक्षण प्रभावी ढंग से दिया जा रहा है। उन्होंने सभी संबंधित पदाधिकारियों को जारी सर्कुलर का बारीकी से अध्ययन करने का निर्देश दिया।
कार्यक्रम में अपर समाहर्ता (राजस्व) मनोज कुमार, उप निदेशक जनसंपर्क, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।