सत्संग ही वास्तविक तीर्थ और परिवर्तन का स्थल, वैचारिक क्रांति से सुदृढ़ होगा समाज,

दस्तक7मिडिया, बिरौल, दरभंगा।

सुपौल बाजार स्थित कबीर विद्यापीठ परिसर में आयोजित सत्संग कार्यक्रम के दूसरे दिन (मंगलवार) को विभिन्न वक्ताओं और संतों ने समाज सुधार, शिक्षा और आध्यात्मिकता पर अपने सारगर्भित विचार रखे। कार्यक्रम की शुरुआत “सद्गुरुवे नमः” के उद्घोष के साथ हुई, जिसमें भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। महात्मा अरुण साहेब (असमा, दरभंगा) ने कहा कि सत्संग ही वास्तविक तीर्थ है। यहीं से मनुष्य के विचारों में वास्तविक परिवर्तन की शुरुआत होती है। संत दिनेश साहेब (सेवानिवृत्त डीपीओ/एसडीओ ,मधुबनी/बेगूसराय) ने शिक्षा पर जोर देते हुए कहा कि विवेकपूर्ण शिक्षा के माध्यम से ही सामाजिक बुराइयों, अंधविश्वास, पाखंड और ऊंच-नीच जैसी भेदभावपूर्ण दुर्भावनाओं को दूर किया जा सकता है। महात्मा उर्मिलेश साहेब (सहरसा) के अनुसार, सच्चे सद्गुरु के प्रति पूर्ण समर्पण और सेवा ही मानव कल्याण एवं आत्मोद्धार का एकमात्र मार्ग है।साध्वी लक्ष्मी बहन (अररिया) ने सामाजिक सुदृढ़ीकरण के लिए नारी शिक्षा और उनके सशक्तिकरण को आधारभूत आवश्यकता बताया। महात्मा सतीश साहेब (मधुबनी) ने सद्गुरु कबीर के आदर्शों को याद करते हुए उन्हें हिंदू-मुस्लिम एकता और समतामूलक समाज का प्रबल पक्षधर व निर्माता बताया। महात्मा उपेंद्र साहेब (सुपौल) ने युवाओं को चारित्रिक पतन और नशापान से बचाने के लिए गुरु की शरण में जाने का आह्वान किया। नेपाल से आए महात्मा उमा साहेब ने ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ के संकल्प को चरितार्थ करने के लिए दहेज मुक्त विवाह को अनिवार्य बताया।
महात्मा राम साहेब (जयंतीपुर) ने कहा कि जीवित माता-पिता, सास-ससुर और गुरुदेव की तन-मन-धन से सेवा करना ही वास्तविक धर्म और श्रद्धा है।
भक्तिमय वातावरण कार्यक्रम के दौरान महेंद्र दास, किलश दास,चंदन दास,मिथिलेश और प्रतिनिधि कुमारी सहित गायक मंडलियों ने अपने मधुर भजनों से पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। कार्यक्रम का समापन सामूहिक आरती और गुरु पूजा के साथ हुआ। कार्यक्रम की सफलता में विद्यापीठ के शिक्षकों और आयोजन समिति के सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। विचार मंच की ओर से सभी के सामूहिक सहयोग और अटूट उत्साह की सराहना की गई है। सम्मेलन के सफल संचालन में अध्यक्ष, श्री श्रवण नायक,सचिव,कैलाश प्रधान,कोषाध्यक्ष,संतोष मंडल, सदस्य,सुरेंद्र चौधरी, सज्जन महतो,डॉ.शशि भूषण महतो, मनोज मंडल एवं अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने सक्रिय भूमिका निभाई है। कार्यक्रम के अंत में विचार मंच की तरफ से सभी सम्मानित शिक्षकगणों और कार्यकर्ताओं को उनके निस्वार्थ सहयोग के लिए बहुत-बहुत साधुवाद दिया गया।