डीएमसीएच में गैस संकट, मरीजों के भोजन पर असर, रोटी बंद, चावल-दाल से चल रहा काम; कैंटीन में एक दिन का ही गैस स्टॉक बचा
डीएमसीएच में गैस संकट, मरीजों के भोजन पर असर, रोटी बंद, चावल-दाल से चल रहा काम; कैंटीन में एक दिन का ही गैस स्टॉक बचा
डीएमसीएच में गैस संकट, मरीजों के भोजन पर असर, रोटी बंद, चावल-दाल से चल रहा काम; कैंटीन में एक दिन का ही गैस स्टॉक बचा
दस्तक 7मीडिया /अफजल खान
दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में गैस सिलेंडर की कमी के कारण मरीजों के भोजन की व्यवस्था पर संकट गहराने लगा है। अस्पताल की रसोई में गैस का स्टॉक लगभग समाप्त होने की कगार पर है, जिसके चलते मरीजों को मिलने वाले भोजन में बदलाव करना पड़ा है। फिलहाल कम गैस में अधिक लोगों के लिए भोजन तैयार करने की मजबूरी में मरीजों को रोटी की जगह चावल, दाल और सब्जी पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार डीएमसीएच में प्रतिदिन लगभग 1700 मरीजों और कर्मियों के लिए भोजन तैयार किया जाता है। यह व्यवस्था जीविका समूह द्वारा संचालित कैंटीन के माध्यम से की जाती है। कैंटीन प्रबंधन के अनुसार वर्तमान में उनके पास सिर्फ तीन गैस सिलेंडर ही शेष बचे हैं, जबकि प्रतिदिन खाना बनाने में तीन से चार सिलेंडर की खपत होती है। ऐसी स्थिति में किसी तरह आज और कल तक भोजन की व्यवस्था चल पाएगी, लेकिन इसके बाद संकट और गहरा सकता है।
कैंटीन प्रबंधक अभिषेक मिश्रा ने बताया कि गैस की कमी के कारण बुधवार रात से मरीजों को रोटी देना बंद कर दिया गया है। कम गैस में ज्यादा लोगों का भोजन तैयार करने के लिए फिलहाल चावल, दाल और सब्जी बनाकर काम चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस समस्या की सूचना वरीय अधिकारियों को दे दी गई है और जल्द गैस आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की गई है।
वहीं कैंटीन में कार्यरत रसोइया रेखा देवी ने बताया कि वह पिछले तीन वर्षों से यहां काम कर रही हैं, लेकिन इस तरह की स्थिति पहले कभी नहीं हुई। उनके अनुसार फिलहाल केवल एक दिन का ही गैस स्टॉक बचा है। दूसरी रसोइया संतोला देवी ने भी बताया कि रोज करीब 1700 लोगों का भोजन तैयार किया जाता है, लेकिन यदि जल्द गैस की आपूर्ति नहीं हुई तो स्थिति गंभीर हो सकती है।
इधर शहर के गैस गोदामों और एजेंसियों पर भी पिछले तीन-चार दिनों से सुबह से ही लंबी कतारें देखी जा रही हैं। गैस की कमी को लेकर आम लोगों में भी चिंता बढ़ने लगी है।
अस्पताल प्रशासन का कहना है कि संबंधित अधिकारियों को इस समस्या से अवगत करा दिया गया है और उम्मीद है कि जल्द ही गैस की आपूर्ति सामान्य हो जाएगी, ताकि मरीजों के भोजन में किसी प्रकार की असुविधा न हो।