दरभंगा में सिविल कोर्ट परिचारी भर्ती परीक्षा की तैयारी पूरी, 15 मार्च को 31 केंद्रों पर होगी परीक्षा

दस्तक 7मीडिया /दरभंगा 

सिविल कोर्ट में परिचारी पद पर नियुक्ति के लिए आयोजित होने वाली प्रारंभिक परीक्षा को लेकर प्रशासन ने व्यापक तैयारी पूरी कर ली है। परीक्षा के शांतिपूर्ण एवं कदाचारमुक्त संचालन के लिए समाहरणालय स्थित प्रेक्षागृह में केंद्राधीक्षकों, स्टैटिक दंडाधिकारियों और पुलिस पदाधिकारियों को विस्तृत ब्रीफिंग दी गई।

बैठक में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश गोपाल मिश्रा, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जुनेद आलम तथा जिलाधिकारी कौशल कुमार उपस्थित रहे।

अधिकारियों ने बताया कि सिविल कोर्ट बिहार, पटना द्वारा परिचारी पद के लिए प्रारंभिक परीक्षा 15 मार्च 2026 (रविवार) को जिला मुख्यालय स्थित 31 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जाएगी। परीक्षा दो पालियों में होगी। पहली पाली सुबह 10:00 बजे से 12:00 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 2:00 बजे से 4:00 बजे तक निर्धारित है।

प्रशासन के अनुसार प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर न्यायालय की ओर से ऑब्जर्वर नियुक्त किए गए हैं, जो पूरी परीक्षा प्रक्रिया की निगरानी करेंगे। साथ ही सभी केंद्रों पर स्टैटिक दंडाधिकारी और पर्याप्त पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति की गई है, जिन्हें परीक्षा दिवस पर सुबह 7:30 बजे तक केंद्र पर उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया है।

अभ्यर्थियों के लिए रिपोर्टिंग समय भी निर्धारित किया गया है। पहली पाली के लिए सुबह 8:30 से 9:30 बजे तक तथा दूसरी पाली के लिए दोपहर 12:30 से 1:30 बजे तक प्रवेश की अनुमति होगी। इसके बाद किसी भी परिस्थिति में अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।

परीक्षा केंद्र में प्रवेश के समय अभ्यर्थियों को प्रवेश पत्र की दो प्रतियां, दो पासपोर्ट साइज फोटो, एक वैध पहचान पत्र और उसकी स्वप्रमाणित प्रति, पारदर्शी पानी की बोतल तथा पारदर्शी बॉल पेन लाना अनिवार्य होगा। मोबाइल फोन, बैग, पर्स, घड़ी, कैलकुलेटर या अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के साथ प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।

प्रशासन ने बताया कि सभी परीक्षा केंद्रों पर जैमर लगाए जाएंगे और प्रवेश द्वार पर अभ्यर्थियों की सघन जांच की जाएगी। इसके अलावा परीक्षा कक्ष में एजेंसी द्वारा प्रत्येक परीक्षार्थी की बायोमेट्रिक उपस्थिति और फोटो भी ली जाएगी।

जिलाधिकारी ने सभी केंद्राधीक्षकों को निर्देश दिया कि परीक्षा से एक दिन पहले वीक्षकों की बैठक कर उन्हें सभी आवश्यक दिशा-निर्देशों से अवगत कराया जाए तथा आयोग की गाइडलाइन के अनुसार बैठने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।