बिरौल में एलपीजी आपूर्ति को लेकर प्रशासन सख्त, एसडीएम ने गैस एजेंसी संचालकों संग की बैठक, घरेलू गैस सिलेंडर की किल्लत नहीं, कॉमर्शियल गैस पूर्ण रूप से बंद
बिरौल में एलपीजी आपूर्ति को लेकर प्रशासन सख्त, एसडीएम ने गैस एजेंसी संचालकों संग की बैठक, घरेलू गैस सिलेंडर की किल्लत नहीं, कॉमर्शियल गैस पूर्ण रूप से बंद
बिरौल में एलपीजी आपूर्ति को लेकर प्रशासन सख्त, एसडीएम ने गैस एजेंसी संचालकों संग की बैठक, घरेलू गैस सिलेंडर की किल्लत नहीं, कॉमर्शियल गैस पूर्ण रूप से बंद
दस्तक7मिडिया, उत्तम सेनगुप्ता, दरभंगा।
मध्य पूर्व में चल रहे तनावपूर्ण घटनाक्रम के मद्देनजर पेट्रोलियम पदार्थों और एलपीजी गैस की आपूर्ति बाधित होने की आशंका ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। इसी क्रम में, अनुमंडल पदाधिकारी शशांक राज ने गुरुवार को बिरौल अनुमंडल कार्यालय में एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई। बैठक में आशिष कुमार, सुदीप कुमार, प्रखंड आपूर्ति विभाग के अधिकारियों के साथ अनुमंडल क्षेत्र की सभी गैस एजेंसियों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए कड़े निर्देश–
बैठक को संबोधित करते हुए एसडीएम श्री राज ने सभी गैस एजेंसी संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि बुकिंग करने वाले किसी भी उपभोक्ता को सिलेंडर की किल्लत न हो। उन्होंने समय पर डिलीवरी सुनिश्चित करने पर जोर दिया और चेतावनी दी कि यदि आपूर्ति में किसी भी प्रकार की लापरवाही या कालाबाजारी पाई गई, तो संबंधित एजेंसी संचालक के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में उपस्थित कुल 20 गैस एजेंसी संचालकों ने प्रशासन को आश्वस्त किया कि वर्तमान में उनके गोदामों में घरेलू गैस सिलेंडरों का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। हालांकि, वितरण के दौरान उपभोक्ताओं की उमड़ने वाली भीड़ और संभावित व्यवस्थाओं को ध्यान में रखते हुए संचालकों ने गोदामों व वितरण केंद्रों पर सुरक्षा मुहैया कराने का आग्रह किया। संचालकों की मांग पर एसडीएम ने उन्हें समुचित सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया।
बैठक में क्षेत्र की प्रमुख एजेंसियों ने अपनी भागीदारी सुनिश्चित की, जिनमें पुरुजीत इंडेन, जय माता दी इंडेन, लीला इंडेन ग्रामीण वितरक, धर्मराज एचपी, बाहों भारत गैस, जीवंत भारत ग्रामीण वितरक, मेसर्स खान भारत गैस एजेंसी, हरियाली इंडेन ग्रामीण वितरक और बगरासी इंडेन ग्रामीण वितरक शामिल थे। इसके अतिरिक्त कुशेश्वरस्थान, कुशेश्वरस्थान पूर्वी और किरतपुर प्रखंडों की विभिन्न गैस एजेंसियों के संचालक भी इस महत्वपूर्ण चर्चा का हिस्सा बने।
प्रशासन के इस कदम से उपभोक्ताओं में यह संदेश गया है कि भविष्य में आपूर्ति श्रृंखला को सुचारू बनाए रखने के लिए स्थानीय प्रशासन पूरी तरह सतर्क और तैयार है।