बाल एवं किशोर श्रम उन्मूलन पर प्रमंडल स्तरीय कार्यशाला आयोजित
बाल एवं किशोर श्रम उन्मूलन पर प्रमंडल स्तरीय कार्यशाला आयोजित
बाल एवं किशोर श्रम उन्मूलन पर प्रमंडल स्तरीय कार्यशाला आयोजित
दस्तक 7मीडिया /दरभंगा
संयुक्त श्रम भवन, आईटीआई परिसर पंडासराय स्थित उप श्रम आयुक्त दरभंगा प्रमंडल के सभागार में बाल एवं किशोर श्रम उन्मूलन एवं पुनर्वास हेतु राज्य रणनीति एवं कार्य योजना-2025 के अंतर्गत एक दिवसीय कार्यशाला/सेमिनार का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का उद्घाटन उप श्रम आयुक्त राकेश रंजन, श्रम अधीक्षक दिनेश कुमार, बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष एवं सदस्यों तथा बाल संरक्षण पदाधिकारी द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस कार्यक्रम में दरभंगा, समस्तीपुर एवं मधुबनी जिले के सभी प्रखंडों के श्रम प्रवर्तन पदाधिकारियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम के संयोजक उप श्रम आयुक्त राकेश रंजन ने बताया कि बाल एवं किशोर श्रम उन्मूलन के लिए राज्य कार्य योजना-2025 लागू की गई है, जिसमें 18 विभागों को अलग-अलग जिम्मेदारियां दी गई हैं। उन्होंने पावरप्वाइंट प्रस्तुति के माध्यम से बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम 1986 तथा संशोधित 2016 के प्रावधानों की विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि बच्चों का स्थान स्कूल और खेल के मैदान में है, न कि होटल, ढाबा, मोटर गैरेज या फैक्ट्री में। शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत 14 वर्ष तक के बच्चों को अनिवार्य शिक्षा का अधिकार प्राप्त है और यह हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है कि हर बच्चे को शिक्षा मिले तथा उसका बचपन सुरक्षित रहे।
कार्यक्रम का संचालन श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी हायाघाट साधना भारती ने किया। तकनीकी सत्र में श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी बाबूबरही (मधुबनी) राजेश कुमार ने बाल श्रमिकों की विमुक्ति एवं पुनर्वास से संबंधित कानूनों, राज्य कार्य योजना तथा आर्थिक एवं गैर-आर्थिक पुनर्वास के प्रावधानों की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम 1986 की धारा-3 के तहत 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों से काम कराना प्रतिबंधित है। ऐसा करने पर धारा-14(1) के अंतर्गत 20,000 से 50,000 रुपये तक का जुर्माना या 6 माह से 2 वर्ष तक का कारावास अथवा दोनों का प्रावधान है।
बाल कल्याण समिति के प्रतिनिधियों ने बताया कि किशोर न्याय (देखभाल और संरक्षण) अधिनियम 2015 के तहत गठित बाल कल्याण समिति जरूरतमंद बच्चों के संरक्षण, पुनर्वास और उनके सर्वोत्तम हितों की रक्षा के लिए कार्य करती है। समिति जरूरतमंद बच्चों को आश्रय, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं भावनात्मक सहयोग उपलब्ध कराने के साथ-साथ आवश्यकता अनुसार उन्हें बाल देखभाल संस्थानों, पालक देखभाल या गोद लेने की प्रक्रिया से भी जोड़ती है।
श्रम अधीक्षक दरभंगा ने बाल श्रम उन्मूलन के लिए सभी संबंधित विभागों एवं हितधारकों को प्रभावी कदम उठाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में उपस्थित प्रतिभागियों की समस्याओं का समाधान भी किया गया।
उप श्रम आयुक्त ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी हितधारकों को किसी भी परिस्थिति में प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से बाल मजदूर से कार्य नहीं लेने की शपथ दिलाई। श्रम अधीक्षक ने बताया कि राज्य कार्य योजना के तहत धावा दल के माध्यम से सघन अभियान चलाकर बाल श्रमिकों की विमुक्ति की जा रही है। विमुक्ति के समय प्रत्येक बाल श्रमिक को एक माह का राशन तथा वस्त्र के लिए 3,000 रुपये दिए जाते हैं, साथ ही मुख्यमंत्री राहत कोष से 25,000 रुपये की सहायता राशि भी प्रदान की जाती है।
कार्यशाला के अंत में श्रम अधीक्षक दरभंगा द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया।